उत्तर भारत में कुदरत का डबल अटैक: दिल्ली में कोहरे का येलो अलर्ट, पहाड़ों पर बर्फबारी और मैदानों में शीतलहर

दिल्ली

नए साल के दूसरे दिन दिल्ली में तेज रफ्तार से चली हवाओं ने सर्दी में इजाफा किया और ठिठुरन बढ़ गई. राजधानी में सुबह और शाम के समय घना कोहरा छा रहा है. आज भी मौसम विभाग की ओर से दिल्ली में घने कोहरे का येलो अलर्ट जारी किया गया है. आज दिल्ली का अधिकतम तापमान 18 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तामपान 7 डिग्री सेल्सियस रहने का अनुमान का है. 4 जनवरी के लिए भी दिल्ली में घने कोहरे का येलो अलर्ट जारी किया गया है. हालांकि, आने वाले दिनों में तापमान में मामूली बढ़ोतरी देखने को मिल सकती है.

अंडमान और निकोबार द्वीपसमूह में 3 जनवरी को गरज-चमक के साथ बारिश, बिजली गिरने और तेज रफ्तार से हवाएं चलने की संभावना है, जबकि 4 जनवरी को तमिलनाडु में भारी बारिश हो सकती है. वहीं, ठंड और कोहरे को लेकर चेतावनी जारी की गई है. पंजाब, हरियाणा, उत्तर प्रदेश और ओडिशा में बहुत घना कोहरा छाने की आशंका है. इसके अलावा जम्मू संभाग, उत्तर मध्य प्रदेश में 6 जनवरी तक कोहरा छाए रहने का अलर्ट है.

इन राज्यों में छाएगा घना कोहरा

हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड और जम्मू-कश्मीर में बर्फबारी की संभावना है. असम, मेघालय, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में 5 जनवरी तक कोहरा पड़ सकता है. पंजाब, हरियाणा, राजस्थान, छत्तीसगढ़, पश्चिम बंगाल और सिक्किम में 3 और 4 जनवरी को कोहरा छाने की आशंका है. झारखंड, ओडिशा, अरुणाचल प्रदेश और बिहार में 8 जनवरी तक कुछ स्थानों पर घना कोहरा पड़ सकता है. उत्तर प्रदेश, हिमाचल प्रदेश और बिहार में 4 और 5 जनवरी को बन कोल्ड डे की स्थिति बन सकती है,

वहीं हिमाचल प्रदेश, हरियाणा, पंजाब, दिल्ली और राजस्थान के कुछ इलाकों में शीतलहर चलने की संभावना है. 3 जनवरी को तमिलनाडु, पुडुचेरी और कराईकल में कुछ स्थानों पर हल्की बारिश होने की संभावना है, जबकि देश के बाकी हिस्सों में मौसम शुष्क बने रहने की संभावना है. उत्तर प्रदेश और आसपास के इलाकों में ऊपरी हवा में बना पश्चिमी विक्षोभ अभी भी एक्टिव बना हुआ है. हालांकि इससे जुड़ा ऊंचाई पर स्थित ट्रफ अब पूर्व दिशा की ओर खिसक चुका है. इसके असर से उत्तर भारत के मौसम में बदलाव की स्थितियां बनी हुई हैं.

साइक्लोनिक सर्कुलेशन एक्टिव

उत्तर-पश्चिम बांग्लादेश और उससे सटे उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल के ऊपर ऊपरी हवा का चक्रवाती परिसंचरण (cyclonic circulation) कायम है. इसके साथ ही पूर्वोत्तर असम और आसपास के क्षेत्रों में भी ऐसा ही वेदर सिस्टम एक्टिव बना हुआ है, जिससे इन इलाकों में बादल और नमी बनी रह सकती है. दक्षिण भारत में भी वेदर सिस्टम असर दिखा रहे हैं. श्रीलंका के तट के पास दक्षिण-पश्चिम बंगाल की खाड़ी में ऊपरी हवा का चक्रवाती परिसंचरण बना हुआ है, जिसका ट्रफ श्रीलंका के उत्तर हिस्से और तटीय तमिलनाडु होते हुए आंतरिक तमिलनाडु तक फैला है. इसके अलावा तटीय कर्नाटक के ऊपर भी ऊपरी हवा का साइक्लोनिक सर्कुलेशन एक्टिव है, जिससे दक्षिणी राज्यों में बादल और कहीं-कहीं बारिश की संभावना बनी हुई है.

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