धमतरी (छत्तीसगढ़): राजस्थान के जयपुर में संयम पथ पर अग्रसर होने की विधिवत आज्ञा और दीक्षा का शुभ मुहूर्त प्राप्त करने के उपरांत मुमुक्षु आस्था लुनिया के धमतरी आगमन पर जैन समाज द्वारा उनका ऐतिहासिक और भावभीना स्वागत किया गया।
इस पावन अवसर पर सकल जैन समाज द्वारा शहर के प्रमुख घड़ी चौक से लेकर इतवारी बाजार स्थित प्राचीन जैन मंदिर तक भव्य अभिनंदन शोभायात्रा निकाली गई। बैंड-बाजों, जयकारों और धार्मिक भजनों के साथ निकाली गई इस शोभायात्रा में समाज के सभी वर्गों, वरिष्ठजनों और मातृशक्ति ने बढ़-चढ़कर भाग लिया तथा मार्ग में जगह-जगह पुष्पवर्षा कर मुमुक्षु आस्था का अभिनंदन किया।
🙏 सांसारिक आकर्षण छोड़ आध्यात्मिक मार्ग चुना, गुरु भगवंतों के सानिध्य में समझ रहीं दीक्षा का मर्म
धर्मनगरी के प्रतिष्ठित लुनिया परिवार में पली-बढ़ी आस्था लुनिया बाल्यकाल से ही धर्मपरायण और आध्यात्मिक संस्कारों से ओतप्रोत जीवन जी रही हैं।
परिजनों के अनुसार, आस्था धार्मिक अनुष्ठानों, स्वाध्याय और पूज्य गुरु भगवंतों के सानिध्य में रहकर संयम साधना के पथ पर निरंतर आगे बढ़ रही हैं। दीक्षा की गूढ़ मर्यादाओं और त्याग के महत्व को आत्मसात करने के लिए वे जयपुर में आचार्य गुरु भगवंतों के पावन सानिध्य में साधना करेंगी। दीक्षा की आज्ञा और मुहूर्त निश्चित होने के बाद जब वे जैन मंदिर पहुंचीं, तो समाज के प्रबुद्धजनों ने उन्हें उनकी आगामी आध्यात्मिक यात्रा के लिए मंगल आशीष और शुभकामनाएं दीं।
🎓 संस्कृत में डिग्री और कंप्यूटर साइंस में इंजीनियरिंग, 10 दिसंबर को जयपुर में होगी दीक्षा
मुमुक्षु आस्था के पिता धनराज लुनिया ने भावुक होते हुए कहा कि उनकी सुपुत्री ने सांसारिक मोह-माया का त्याग कर संयम पथ अंगीकार करने का पावन संकल्प लिया है।
उन्होंने बताया कि आगामी 10 दिसंबर 2026 को जयपुर (राजस्थान) में दीक्षा का भव्य मुहूर्त निर्धारित किया गया है। अपनी बेटी की योग्यता का उल्लेख करते हुए उन्होंने बताया कि आस्था ने कंप्यूटर साइंस में इंजीनियरिंग (B.Tech) करने के साथ-साथ संस्कृत साहित्य में भी उच्च डिग्री हासिल की है। आधुनिक शिक्षा और सुख-सुविधाओं के बावजूद उनके वैराग्य भाव को देखकर न केवल परिवार, बल्कि पूरा समाज स्वयं को गौरवान्वित महसूस कर रहा है।
🌟 जैन समाज ने बताया गौरवशाली पल, धमतरी की आध्यात्मिक परंपरा को मिली नई पहचान
जैन समाज के अध्यक्ष आकाश गोलछा ने इस अवसर पर कहा कि धर्मनगरी धमतरी की बेटियों और बहनों ने पूर्व में भी जिनशासन और संयम पथ को अपनाकर समाज व क्षेत्र का मान बढ़ाया है।
उन्होंने कहा कि लुनिया परिवार की सुपुत्री आस्था लुनिया का दीक्षा मार्ग चुनना संपूर्ण जैन समाज के लिए असीम आनंद, हर्ष और गौरव का विषय है। जयपुर में 10 दिसंबर को होने वाले दीक्षा महोत्सव को लेकर समाज में भारी उत्साह है और इसी उल्लास के तहत नगर में भव्य अभिनंदन शोभायात्रा का सफल आयोजन किया गया।
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