उत्तराखंड कांग्रेस के भीतर पूर्व मुख्यमंत्री और वरिष्ठ नेता हरीश रावत की ‘धन्यवाद एवं जनसंवाद यात्रा’ को लेकर चल रहा विवाद फिलहाल थमता नजर आ रहा है। पार्टी आलाकमान की आपत्ति और प्रदेश प्रभारी कुमारी शैलजा की कड़ी चिट्ठी के बाद हरीश रावत ने अपनी आगे की 9 प्रस्तावित धन्यवाद यात्राओं को स्थगित करने का बड़ा फैसला किया है। हरीश रावत ने सोशल मीडिया के माध्यम से जानकारी दी कि उन्होंने कुल नौ और यात्राओं की योजना बनाई थी और उनके आयोजन की जिम्मेदारी भी तय कर दी गई थी, लेकिन अब इन्हें रोक दिया गया है।
✉️ कुमारी शैलजा की आपत्ति और संगठन के साथ समन्वय का मुद्दा
इससे पहले, प्रदेश प्रभारी कुमारी शैलजा ने 1 अक्टूबर से शुरू हुई इस यात्रा पर कड़ी आपत्ति जताते हुए पत्र लिखा था। उनका कहना था कि इन कार्यक्रमों को लेकर न तो प्रदेश प्रभारी से कोई चर्चा की गई और न ही प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष के साथ किसी प्रकार का समन्वय स्थापित किया गया। चुनावी साल में पार्टी संगठन के समानांतर व्यक्तिगत कार्यक्रम चलाने को लेकर आलाकमान ने चिंता जताई थी, जिसके बाद संगठन महासचिव केसी वेणुगोपाल ने भी हरीश रावत से मुलाकात कर सभी को साथ लेकर चलने का स्पष्ट संदेश दिया था।
🔄 रावत का रुख नरम, स्पष्ट किया पार्टी के भीतर का मकसद
आलाकमान के साथ बातचीत और स्पष्टीकरण के बाद हरीश रावत ने अपना रुख बदलते हुए आगामी यात्राओं को टाल दिया है। रावत ने संकेत दिए हैं कि उनका उद्देश्य कांग्रेस पार्टी से अलग कोई समानांतर राजनीतिक गतिविधि चलाना नहीं था, बल्कि जनता के बीच जाकर संवाद स्थापित करना और संगठन को मजबूत करना था। राजनीतिक जानकारों के अनुसार इस फैसले से फिलहाल उत्तराखंड कांग्रेस में चल रही अंदरूनी कल पर विराम लगता दिखाई दे रहा है।
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