दंतेवाड़ा: जिले के कलेक्टर देवेश कुमार ध्रुव ने गुरुवार को अतिदुर्गम वनांचल क्षेत्रों का दौरा कर एक मिसाल पेश की। प्रशासन की टीम इंद्रावती नदी के पार स्थित ग्राम पंचायत गुमलनार के भिरसापारा और पालोडी गांव पहुंची, ताकि यह संदेश दिया जा सके कि शासन की पहुंच जिले के अंतिम गांव तक है।
⛰️ कठिन राह और नदी की चुनौती
कलेक्टर ने काउरगांव के बिंगूपारा से पैदल यात्रा शुरू की और करीब 6 से 8 किलोमीटर के घने जंगलों व कठिन पहाड़ी रास्तों को पार कर भिरसापारा तक पहुंचे। वापसी में उन्होंने इंद्रावती नदी पार की। ग्रामीणों ने बताया कि बारिश के दिनों में नदी के कारण आवागमन पूरी तरह ठप हो जाता है। कलेक्टर ने इस समस्या के स्थायी समाधान का आश्वासन दिया है।
🌳 इमली के पेड़ के नीचे लगी जनचौपाल
भिरसापारा में कोई भवन न होने के कारण एक विशाल इमली के पेड़ के नीचे जनचौपाल लगाई गई। कलेक्टर ने ग्रामीणों के बीच बैठकर पेयजल, स्वास्थ्य, शिक्षा, राशन और सड़क जैसी बुनियादी सुविधाओं की सीधी जानकारी ली। उन्होंने मानसून को देखते हुए राशन की उपलब्धता और गर्भवती महिलाओं के स्वास्थ्य परीक्षण व टीकाकरण को लेकर अधिकारियों को कड़े निर्देश दिए।
🍎 आंगनबाड़ी केंद्र का निरीक्षण
दौरे के दौरान कलेक्टर ने आंगनबाड़ी केंद्र में बच्चों को दिए जा रहे पोषण आहार और शैक्षणिक गतिविधियों की समीक्षा की। उन्होंने बच्चों को उबले अंडे और गर्म भोजन मिलने की व्यवस्था की सराहना की और कुपोषण को दूर करने के लिए स्वास्थ्य सेवाओं पर और अधिक ध्यान देने के निर्देश दिए। पालोडी गांव में भी कलेक्टर ने जनसंवाद किया, जिसे देखकर ग्रामीणों ने पहली बार किसी जिला प्रमुख को उनके बीच पाकर प्रशासन पर अपना भरोसा जताया।
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