बस्तर: छत्तीसगढ़ के नक्सल प्रभावित बस्तर की पहचान अब बदल रही है. लगातार बड़े नक्सल ऑपरेशन और नक्सलियों के लगातार सरेंडर से अब यहां नक्सली बैकुफट पर हैं. लोगों में नक्सली हिंसा की दहशत भी अब धीरे धीरे खत्म होने की कगार पर है. कभी बम, बारूद और हिंसा की वजह से चर्चा में रहा बस्तर अब पर्यटन मानचित्र पर अपनी पहचान न सिर्फ देश बल्कि विदेश में भी बना रहा है. यही वजह है कि साल 2025 में बड़ी संख्या में पर्यटकों ने बस्तर का रूख किया. अब नए साल के जश्न के साथ ही बस्तर संभाग में पर्यटन की रौनक चरम पर है. पिछले एक सप्ताह से बस्तर के प्रमुख पर्यटन स्थलों में पर्यटकों की भीड़ उमड़ रही है.
पर्यटकों की सुरक्षा के लिए पुलिस मुस्तैद
बस्तर पुलिस ने पर्यटकों की सुरक्षा के मद्देनजर पुख्ता इंतजाम किए हैं. बस्तर ASP माहेश्वर नाग ने बताया कि सभी पर्यटन स्थलों के थाना प्रभारियों के साथ विशेष बैठक की गई है. पर्यटकों की सुरक्षा को लेकर सख्त दिशा निर्देश जारी किए गए हैं. पुलिस ने स्पष्ट किया है कि हर पर्यटन स्थल पर आने वाले पर्यटकों की पूरी जानकारी ली जाएगी.
बस्तर के प्रसिद्ध पर्यटन स्थल
- धुड़मारास
- चित्रकोट जलप्रपात
- तीरथगढ़ जलप्रपात
- मेन्द्री घुमर जलप्रपात
- नारायणपाल मंदिर
- कोटमसर गुफा
- कैलाश गुफा
- कांगेर घाटी राष्ट्रीय उद्यान
होटल, लॉज और रिसार्ट बुक
पर्यटकों की भीड़ की वजह से बस्तर के होटल, रिसॉर्ट और होम-स्टे की पहले से ही बुकिंग पैक है. बस्तर ASP माहेश्वर नाग ने बताया कि होटल, रिसोर्ट व होम स्टे में आने वाले लोगों की जानकारी ली जा रही है. संवेदनशील और भीड़भाड़ वाले इलाकों में अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती की गई है.
विशेष सुरक्षा इंतजाम
ASP माहेश्वर नाग ने बताया कि जलप्रपात में किसी भी हादसे से बचाव के लिए होम गार्ड के जवानों को लाइफ जैकेट के साथ तैनात किया गया है. पुलिस का उद्देश्य है कि नए साल का जश्न मनाने आए पर्यटक सुरक्षित माहौल में बिना किसी परेशानी के बस्तर की खूबसूरती का आनंद ले सकें.
कहां कहां से आ रहे पर्यटक
बस्तर घूमने के लिए ओडिशा, आंध्र प्रदेश, तेलंगाना, कर्नाटक और पश्चिम बंगाल से बड़ी संख्या में पर्यटक पहुंच रहे हैं. होटल कारोबारियों और पर्यटन व्यवसाय से जुड़े लोगों का कहना है कि एक बार फिर बस्तर, पर्यटकों के लिए पसंदीदा डेस्टिनेशन बनकर उभरा है.
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