चंडीगढ़: सीएम नायब सिंह सैनी ने निर्देश दिए कि राज्य की प्रमुख सड़कों, राजमागों से पुराने व खराब बिजली खंभों को तुरंत हटाया जाए। जिससे सार्वजनिक सुरक्षा बढ़े, सड़क सौंदर्य में सुधार हो। राज्य के सभी सरकारी भवनों जैसे स्कूल, कॉलेज, अस्पताल, कार्यालय, गोदाम पर रूफटॉप सोलर सिस्टम लगाए जाएं, ताकि राज्य को हरित ऊर्जा की ओर तेजी से अग्रसर किया जा सके। वे सिविल सचिवालय में ऊर्जा क्षेत्र से संबंधित बजट घोषणाओं की उच्च-स्तरीय समीक्षा बैठक की अध्यक्षता कर रहे थे। सीएम ने पीएम सूर्यघरः मुफ्त बिजली योजना की प्रगति की समीक्षा की, अधिकारियों को राज्य में घर-घर रूफटॉप सोलर सिस्टम लगाने के कार्य में तेजी लाने के निर्देश दिए। उन्होंने योजना के मासिक उपलब्धि आंकड़ों की भी जानकारी ली और सख्त मॉनिटरिंग और जवाबदेही सुनिश्चित करने के भी निर्देश दिए।
राज्यभर में बड़े पैमाने पर अक्षय ऊर्जा के लिए सोलर पार्क विकसित करने के निर्देश दिए। हरियाणा पॉवर जनरेशन कॉर्पोरेशन लिमिटेड (एचपीजीसीएल) के चेयरमैन श्यामल मिश्रा ने बताया कि 20 नवंबर 2025 तक राज्य में 42,486 रूफटॉप सोलर इंस्टॉलेशन पूरे किए जा चुके हैं। 31 मार्च 2027 तक 2,22,000 रूफटॉप सोलर सिस्टम लगाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। डिस्कॉम ने ‘सौर ऊर्जा प्रोत्साहन योजना’ नाम से एक नई स्कीम भी तैयार की है, जो मुख्यतः राज्य सरकार के कर्मचारियों और नियमित रूप से बिजली बिल जमा करवाने वाले उपभोक्ताओं के लिए है। योजना को राज्य सरकार के अनुमोदन हेतु भेजा गया है व वर्तमान में विचाराधीन है। इसके लागू होने पर, राज्य में रूफटॉप सोलर को लगवाने का कार्य तेजी से बढ़ेगा और निर्धारित आरटीसी लक्ष्यों को प्राप्त करने में बड़ी मदद मिलेगी।
अगले 7 वर्षों में उपभोक्ताओं को निर्बाध बिजली आपूर्ति करेंगे
सीएम ने निर्देश देते हुए कहा कि राज्य में प्रत्येक घर तक निर्बाध बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए ऊर्जा क्षेत्र के सभी लक्ष्यों को निर्धारित समय सीमा में पूरा किया जाना चाहिए। ऊर्जा सुरक्षा आर्थिक विकास के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है। हर लंबित परियोजना को बिना देरी के आगे बढ़ाया जाए। बैठक में विभाग के अधिकारियों ने बताया कि हरियाणा में अगले 7 वर्षों में 24,000 मेगावाट बिजली उपलब्धता सुनिश्चित कर 100% उपभोक्ताओं को निर्बाध बिजली आपूर्ति उपलब्ध कराने का लक्ष्य रखा गया है। सीएम को बताया गया कि यमुनानगर में 800 मेगावाट अल्ट्रा-सुपरक्रिटिकल थर्मल यूनिट का कार्य बीएचईएल के सहयोग से शुरू हो गया है।
महाग्राम योजनाः तीन गांवों में पेयजल नेटवर्क स्थापित किया
सीएम ने जनस्वास्थ्य एवं अभियांत्रिकी विभाग की बजट घोषणाओं की भी समीक्षा की। सीएम ने निर्देश दिए कि विभाग की लंबित परियोजनाओं को तय समय सीमा में पूरा करे। अधिकारियों ने सीएम को बताया कि महाग्राम योजना के तहत 12 चयनित गांवों में शहरी स्तर की पेयजल एवं सीवरेज सुविधाएं उपलब्ध करवाने का कार्य तेजी से प्रगति पर है। अब तक भोरा कलां (गुरुग्राम), भैंसवाल कलां (सोनीपत) व खाम्बी (पलवल) में पेयजल व सीवरेज नेटवर्क का कार्य पूर्ण कर लिया गया है। दो अन्य गांवों में शेष कार्य 31 दिसंबर तक पूरा कर लिया जाएगा।
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