Child Labour Rescue in Mahasamund: आयोग की अध्यक्ष ने पिकअप वाहन से छुड़ाए 6 बच्चे; बैंड पार्टी के खिलाफ बड़ी कार्रवाई

छत्तीसगढ़

महासमुंद: छत्तीसगढ़ के महासमुंद जिले में बाल श्रम के एक मामले का खुलासा हुआ है। राज्य बाल अधिकार संरक्षण आयोग की अध्यक्ष डॉ. वर्णिका शर्मा की तत्परता से 6 नाबालिग बच्चों को श्रम के चंगुल से सुरक्षित बाहर निकाला गया। ये बच्चे एक पिकअप वाहन में सवार होकर बैंड पार्टी के साथ काम पर ले जाए जा रहे थे।

🕵️‍♂️ कैसे हुआ खुलासा और तुरंत एक्शन?

डॉ. वर्णिका शर्मा महासमुंद के दौरे पर थीं, इसी दौरान उन्होंने सड़क पर संदिग्ध परिस्थितियों में जा रहे बच्चों को देखा। पूछताछ में बैंड पार्टी द्वारा बच्चों को काम के लिए ले जाने की पुष्टि हुई। मामले की गंभीरता को समझते हुए उन्होंने तत्काल स्पेशल जुवेनाइल पुलिस यूनिट (एसजेपीयू), डीपीओ और डीसीपीओ की संयुक्त टीम को तलब किया। पूरी प्रक्रिया की निगरानी के बाद, बच्चों को सुरक्षित तुमगांव थाना पहुँचाया गया।

⚖️ आरोपियों पर होगी कानूनी कार्रवाई

प्रशासन ने बाल श्रम में उपयोग किए गए वाहन के ड्राइवर और बैंड पार्टी के संचालकों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। बाल अधिकार संरक्षण नियम, 2005 की धाराओं के तहत मामला दर्ज कर कानूनी प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। डॉ. वर्णिका शर्मा ने स्पष्ट किया है कि बच्चों के अधिकारों का हनन करने वालों को किसी भी स्थिति में बख्शा नहीं जाएगा।

🛡️ आयोग की प्रतिबद्धता: बचपन सुरक्षित बनाने की मुहिम

अध्यक्ष डॉ. वर्णिका शर्मा ने कहा, “बच्चों को शिक्षा, सुरक्षा और गरिमापूर्ण जीवन का अधिकार है। उन्हें बाल श्रम में धकेलना एक गंभीर सामाजिक अपराध है।” आयोग ने चाइल्डलाइन और संबंधित विभागों को जिले में लगातार निगरानी बढ़ाने के निर्देश दिए हैं ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं को रोका जा सके। यह कार्रवाई महासमुंद में बाल अधिकारों की सुरक्षा के लिए एक बड़ा कदम मानी जा रही है।

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