सूरजपुर: छत्तीसगढ़ के सूरजपुर जिले में पर्व की खुशियां उस वक्त अचानक गहरे मातम में तब्दील हो गईं, जब शनिवार की सुबह रेड नदी में नहाने उतरे एक ही परिवार के चार सदस्य गहरे पानी में समा गए। यह हृदयविदारक हादसा बिश्रामपुर थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले ग्राम सरस्वतीपुर के कोन्हाखार मोहल्ले के पास हुआ। मृतकों में 40 वर्षीय विवेक सिंह और उनके बेटे अभिजीत सिंह के अलावा, विवेक की साली के दो युवा पुत्र गोपाल कृष्ण और कृष्ण गोपाल शामिल हैं। मूल रूप से बिहार के कटिहार जिले से दशहरा पर्व मनाने छत्तीसगढ़ आया यह परिवार शनिवार को ही अपने घर लौटने वाला था, लेकिन इस भीषण त्रासदी ने परिजनों को कभी न भरने वाला गहरा जख्म दे दिया है।
मंदिर दर्शन के बाद नदी में स्नान करने पहुंचे थे सभी
प्राप्त जानकारी के अनुसार, सूरजपुर के चंदरपुर इलाके में रहने वाली नेहा सिंह ब्यूटी पार्लर का संचालन करती हैं। उनके पति विवेक सिंह, पुत्र अभिजीत, माता-पिता और बहन के दोनों बच्चे कटिहार से उनके पास आए हुए थे, और शनिवार को सभी की वापसी तय थी। इसी बीच, शनिवार सुबह विवेक सिंह स्कूटी से पंपापुर स्थित महामाया मंदिर में दर्शन करने के लिए गए। वहां से उन्होंने अपने बेटे अभिजीत और दोनों भांजों को फोन कर सरस्वतीपुर के कोन्हाखार स्थित रेड नदी के पास आने को कहा। घर के लिए रवाना होने से पहले चारों ने नदी में स्नान करने की योजना बनाई थी।
तट पर लावारिस मिले कपड़े और स्कूटी से हुआ अनहोनी का अंदेशा
नदी में उतरने के बाद चारों अचानक गहरे पानी की चपेट में आ गए और तेज बहाव के बीच डूबने लगे। काफी समय तक जब वे वापस बाहर नहीं आए, तो नदी के तट पर चार जोड़ी चप्पलें, कपड़े, मोबाइल फोन और दो स्कूटियां लावारिस हालत में पड़ी देखकर स्थानीय ग्रामीणों को किसी बड़ी अनहोनी की आशंका हुई। बिना देर किए ग्रामीणों ने इसकी सूचना तुरंत बिश्रामपुर थाना पुलिस को दी। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर स्कूटियों के रजिस्ट्रेशन नंबर से जानकारी निकाली, जो नेहा सिंह और विवेक सिंह के नाम पर दर्ज थी। इसके बाद पुलिस ने नंबर के जरिए परिजनों से संपर्क किया, जिससे परिवार में कोहराम मच गया।
एसडीआरएफ और गोताखोरों की टीम ने बरामद किए चारों शव
घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस, नगर सेना और राज्य आपदा मोचन बल (एसडीआरएफ) की रेस्क्यू टीम गोताखोरों के साथ फौरन घटनास्थल पर पहुंच गई। स्थानीय ग्रामीणों के सहयोग से नदी में युद्धस्तर पर तलाश अभियान चलाया गया। कड़ी मशक्कत के बाद सबसे पहले पानी के पत्थरों के बीच फंसे गोपाल कृष्ण का शव मिला। इसके कुछ देर बाद कृष्ण गोपाल और विवेक सिंह के शव भी बाहर निकाल लिए गए। इसके थोड़ी ही दूरी पर बेटे अभिजीत का शव भी बरामद कर लिया गया। एक साथ चार शव मिलने से पूरे क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई है।
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