CG Vidhan Sabha: अपनी ही सरकार पर बरसे सत्ता पक्ष के विधायक, जर्जर सड़क को बताया ‘मौत की सड़क’; सदन में PWD मंत्री से मांगा जवाब

छत्तीसगढ़

रायपुर. छत्तीसगढ़ विधानसभा में मुंगेली जिले की बदहाल सड़कों का मुद्दा उठा. सत्ता पक्ष के ही भाजपा विधायक पुन्नूलाल मोहले ने ध्यानाकर्षण लगाकर अपनी ही सरकार को घेर लिया. विधायक ने कहा कि जिले की कई प्रमुख सड़कें पिछले 10 से 15 साल से जर्जर हालत में हैं और इन गड्ढों की वजह से आए दिन दुर्घटनाएं हो रही हैं. इस पर उपमुख्यमंत्री और लोक निर्माण मंत्री अरुण साव ने करोड़ों रुपये की स्वीकृतियों और प्रस्तावित निर्माण कार्यों का ब्यौरा देते हुए सरकार की कार्ययोजना सदन के सामने रखी.

सड़कों की दयनीय स्थिति

सत्ता पक्ष के विधायक पुन्नूलाल मोहले ने ध्यानाकर्षण के जरिए मुंगेली जिले की सड़कों की दयनीय स्थिति का मामला सदन में उठाया. उन्होंने कहा कि मुंगेली और आसपास के जिलों को जोड़ने वाली सड़कों पर बड़े-बड़े गड्ढे हो चुके हैं, जिससे आम लोगों को आवागमन में भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है

सड़क नहीं, मौत के गड्ढे- विधायक

विधायक मोहले ने सदन में बरेला-तखतपुर, कुकुसदा, गिधा-कोदवाबानी (13 किमी), दाबो-छटन और मुंगेली-नवागढ़ समेत कई मार्गों का जिक्र किया. उन्होंने कहा कि इन सड़कों की हालत इतनी खराब है कि ये सड़कें नहीं बल्कि “मौत के गड्ढे” बन चुकी हैं. विधायक ने आरोप लगाया कि वर्षों से इन मार्गों के नवीनीकरण का काम नहीं हुआ, जिसके कारण कई लोग दुर्घटनाओं में घायल हुए और कुछ ने अपनी जान भी गंवाई.

सरकार ने गिनाईं करोड़ों की स्वीकृतियां

विधायक के सवाल पर जवाब देते हुए उपमुख्यमंत्री अरुण साव ने बताया कि लोक निर्माण विभाग द्वारा कई प्रमुख सड़कों के लिए बड़ी राशि स्वीकृत की गई है. उन्होंने कहा कि तखतपुर-कुकुसदा मार्ग के लिए 25.56 करोड़ रुपये की प्रशासकीय स्वीकृति दी गई है और इसकी निविदा प्रक्रिया जारी है. इसके अलावा बेमेतरा-नवागढ़-मुंगेली मार्ग के चौड़ीकरण के लिए 122.33 करोड़ और मुंगेली-नांदघाट मार्ग के लिए 116.53 करोड़ रुपये स्वीकृत किए गए हैं. सरकार का कहना है कि इन परियोजनाओं के कार्यादेश जारी कर दिए गए हैं और जल्द ही काम शुरू होगा.

ग्रामीण सड़कों के लिए भी प्रस्ताव तैयार

पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के तहत आने वाली सड़कों को लेकर भी सरकार ने जानकारी दी. कोदवाबानी-कुरसी मार्ग का निर्माण कार्य फिलहाल प्रगति पर है, जबकि पेंडाराकापा-सेतगंगा और छटन-दाबो मार्ग के नवीनीकरण के प्रस्ताव प्रक्रियाधीन बताए गए हैं. इसके साथ ही गिधा-भटगांव मार्ग के लिए 2.55 करोड़ और जुझारभाठा-चमारी मार्ग के लिए 1.12 करोड़ रुपये का एस्टीमेट तैयार किया गया है.

कागजों के वादे बनाम जमीन की हकीकत

सदन में सरकार ने जहां करोड़ों की स्वीकृतियों और योजनाओं का ब्यौरा पेश किया, वहीं विधायक और क्षेत्र की जनता का कहना है कि जमीनी स्तर पर सड़कों की हालत अब भी बेहद खराब है. अब निगाह इस बात पर टिकी है कि सरकार की घोषित योजनाएं और बजट कब तक जमीन पर उतरते हैं और मुंगेली की सड़कों से गड्ढों और हादसों का सिलसिला कब खत्म होता है.

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