Bhangar Bomb Blast: भांगर बम विस्फोट मामले में NIA का बड़ा एक्शन; पूर्व TMC विधायक शौकत मोल्ला गिरफ्तार

देश

राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) ने शुक्रवार रात को पश्चिम बंगाल के बहुचर्चित भांगर विस्फोट मामले में एक बड़ी सफलता हासिल करते हुए मुख्य संदिग्ध और पूर्व तृणमूल कांग्रेस (TMC) विधायक शौकत मोल्ला को गिरफ्तार कर लिया है. जांच एजेंसी द्वारा शौकत मोल्ला को आधिकारिक तौर पर ‘फरार’ घोषित किए जाने के महज कुछ ही घंटों के भीतर उन्हें पश्चिम बंगाल के दक्षिण 24 परगना जिले से धर दबोचा गया. गौरतलब है कि इसी साल 19 मार्च को दक्षिण 24 परगना जिले के अंतर्गत आने वाले दक्षिण बामुनिया गांव में एक घर के भीतर अवैध रूप से कच्चे बम बनाते समय हुए भयानक विस्फोट में एक व्यक्ति की मौके पर ही मौत हो गई थी, जबकि तीन अन्य लोग गंभीर रूप से घायल हो गए थे.

⚖️ कोर्ट में पेशी और आगे की कानूनी कार्यवाही की तैयारी: टीएमसी नेता की गिरफ्तारी के साथ ही मामले में अब तक 4 आरोपी गिरफ्तार

एनआईए के एक वरिष्ठ अधिकारी द्वारा दी गई आधिकारिक जानकारी के मुताबिक, भांगर बम विस्फोट मामले में चल रही सघन जांच के ठोस आधार पर हमने पूर्व विधायक शौकत मोल्ला को कानून के दायरे में लिया है. उन्हें आज विशेष एनआईए अदालत के समक्ष पेश किया जाएगा, जहां जांच को आगे बढ़ाने के लिए उनकी पुलिस रिमांड मांगी जाएगी. इस टीएमसी नेता की गिरफ्तारी के बाद, अब इस संवेदनशील मामले में केंद्रीय जांच एजेंसी द्वारा पकड़े गए कुल आरोपियों की संख्या बढ़कर चार हो गई है, जिससे इस धमाके के पीछे छिपे बड़े सिंडिकेट का पर्दाफाश होने की उम्मीद है.

🏍️ पूछताछ के लिए एनआईए दफ्तर ले जाए गए पूर्व विधायक: बेटी का दावा—’पिता भागे नहीं थे, चिंगरीघाटा होटल से किया सरेंडर’

प्रशासनिक अधिकारियों ने बताया कि कैनिंग पूर्बा विधानसभा क्षेत्र के पूर्व विधायक शौकत मोल्ला को हिरासत में लेने के बाद तुरंत कड़ी सुरक्षा के बीच पूछताछ के लिए कोलकाता स्थित एनआईए दफ्तर ले जाया गया. इसके साथ ही, उस बाइक सवार (बाइकर) को भी पुलिस ने हिरासत में लिया है, जिसकी मोटरसाइकिल पर पीछे बैठकर आरोपी पूर्व विधायक भागने की कोशिश कर रहा था. हालांकि, इस पूरी कानूनी कार्रवाई के विपरीत शौकत मोल्ला के परिवार वालों ने गिरफ्तारी के दावों को खारिज किया है. पूर्व विधायक की बेटी ने पत्रकारों से बातचीत में दावा किया कि उनके पिता फरार नहीं थे, बल्कि एक निजी कार्य से बाहर गए थे और उन्होंने खुद चिंगरीघाटा इलाके के एक होटल के पास केंद्रीय एजेंसी के अधिकारियों के सामने आत्मसमर्पण (Surrender) किया है.

🔍 मौखाली, बारुईपुर और सोनारपुर में एनआईए की ताबड़तोड़ छापेमारी: एक दिन पहले ही खंगाले गए थे कई संदिग्ध ठिकाने

यह हाई-प्रोफाइल गिरफ्तारी केंद्रीय एजेंसी द्वारा शौकत मोल्ला के पैतृक घर और दक्षिण 24 परगना जिले में उनसे जुड़ी कई दूसरी संदिग्ध जगहों पर बड़े पैमाने पर चलाए गए तलाशी अभियान (Search Operation) के ठीक एक दिन बाद हुई है. बम धमाके की कड़ियों को जोड़ने के लिए एनआईए की विशेष टीमों ने गुरुवार को मौखाली, बारुईपुर और सोनारपुर के कई इलाकों में एक साथ छापेमारी की थी. इस दौरान कई डिजिटल साक्ष्य और संदिग्ध दस्तावेज हाथ लगने की बात सामने आई है. इससे पहले जांच के सिलसिले में एनआईए ने शौकत मोल्ला के परिवार के सदस्यों के जरिए उन्हें कई बार आधिकारिक समन भी भेजा था और उनके बेटे को दफ्तर बुलाकर लंबी पूछताछ भी की थी.

🚗 बम बनाने वालों को लाने-ले जाने वाली गाड़ी का ड्राइवर भी दबोचा गया: हाल ही में राज्य सरकार ने हटाई थी शौकत की सुरक्षा

जांच को गति देते हुए एनआईए ने गुरुवार को उस गाड़ी के ड्राइवर को भी गिरफ्तार कर लिया था, जिसका इस्तेमाल घटना के दिन बम बनाने वाले कारीगरों और बारूद की खेप को घटना स्थल तक लाने और ले जाने के लिए किया गया था. आरोपी शौकत मोल्ला राजनीतिक रूप से काफी रसूखदार रहे हैं और वे साल 2016 और 2021 के विधानसभा चुनावों में कैनिंग पूर्व सीट से विधायक चुने गए थे. बेहद दिलचस्प बात यह है कि इस आपराधिक मामले में नाम आने के बाद हाल ही में पश्चिम बंगाल सरकार ने उनकी वीआईपी सुरक्षा व्यवस्था को पूरी तरह से वापस ले लिया था, जिसके बाद से ही वे जांच एजेंसियों के रडार पर चल रहे थे.

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