नेशनल कॉन्फ्रेंस (नेकां) के मुखिया और जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री फारूक अब्दुल्ला ने हज नीति और केंद्र शासित प्रदेश में चुनाव को लेकर सरकार को घेरा है. इसके साथ ही बांग्लादेश मामले पर भी प्रतिक्रिया दी है. इस मामले पर बात करते हुए अब्दुल्ला ने केंद्र सरकार को नसीहत दी है.
बांग्लादेश मामले पर फारूक अब्दुल्ला ने कहा, हमारा देश अलग है. बांग्लादेश का मामला अलग था. बांग्लादेश में शेख हसीना भारत समर्थक थीं. मगर, वहां के लोग भारत समर्थक नहीं. अब जो हुआ है, उसको देखते हुए हमारे देश को खतरों के लिए तैयार रहना चाहिए. आज हमारा कोई भी पड़ोसी मुल्क हमारा दोस्त या साझेदार नहीं है, चाहे वह पाकिस्तान हो, नेपाल हो, बांग्लादेश हो या श्रीलंका हो. हम अकेले हैं.
भारत ने अपने छोटे भाइयों को नाराज कर दिया
अब्दुल्ला ने कहा, यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि बड़े भाई (भारत) ने अपने छोटे भाइयों को नाराज कर दिया है. यह प्रतिष्ठा फिर से बहाल होनी चाहिए. भारत को बड़े भाई का अपना अधिकार निभाना चाहिए. भारतीयों को सभी के साथ बैठकर समस्याओं पर ध्यान देना चाहिए ताकि पड़ोसी मुल्क हमारे मित्र बन सकें.
आगामी चुनावों में हम कोई गठबंधन नहीं करेंगे
नेशनल कॉन्फ्रेंस (नेकां) के मुखिया ने केंद्र शासित प्रदेश में विधानसभा चुनाव को लेकर कहा कि चुनाव आयोग के अधिकारी जम्मू-कश्मीर आ रहे हैं. वो सरकार से परामर्श करने के बाद तारीखों का फैसला करेंगे. हम आगामी चुनावों में कोई गठबंधन नहीं करेंगे. इसके साथ ही अब्दुल्ला ने हज नीति पर सरकार को घेरा.
उन्होंने कहा, सरकार को हज के बारे में क्यों फैसला करना चाहिए. लोग अपने पैसे से हज जाते हैं. अगर कोई अमरनाथ या केदारनाथ की यात्रा पर जा रहा है तो सरकार को उन्हें क्यों बताना चाहिए. या सरकार को उन्हें क्यों रोकना चाहिए. सरकार को रोकने का हक नहीं. यह धार्मिक मामला है. सरकार को इसमें हस्तक्षेप नहीं करना चाहिए.
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