अयोध्या: राम मंदिर के दान पात्र से पैसे चोरी होने के मामले ने अब तूल पकड़ लिया है। पुलिस ने मामले में मुख्य आरोपी टिन्नू समेत कुल 8 लोगों को गिरफ्तार कर लिया है। इस घटना ने विपक्षी दलों को राम मंदिर ट्रस्ट की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाने का बड़ा मौका दे दिया है। समाजवादी पार्टी के पूर्व मंत्री तेज नारायण पांडे ने इस घटना को ट्रस्ट के संरक्षण में होने वाली चोरी करार दिया है और बड़े अधिकारियों की भूमिका पर सवाल उठाए हैं।
🕵️ पुलिस जांच और SIT रिपोर्ट का इंतज़ार
पुलिस फिलहाल आरोपियों के बयानों को रिकॉर्ड कर उन्हें क्रॉस-चेक कर रही है। आधिकारिक सूत्रों के अनुसार, अभी तक अयोध्या पुलिस को SIT की रिपोर्ट प्राप्त नहीं हुई है। जैसे ही रिपोर्ट मिलेगी, जांच का दायरा बढ़ सकता है। पुलिस इस मामले में ‘मनी ट्रेल’ (Money Trail) की पुष्टि करने के लिए सभी आरोपियों के बैंक खातों की भी बारीकी से जांच करने की तैयारी में है।
📢 आम आदमी पार्टी का बड़ा आरोप
आम आदमी पार्टी के राज्यसभा सांसद संजय सिंह ने SIT चेयरमैन विजय विश्वास पंत को अहम दस्तावेज सौंपे हैं। पार्टी का आरोप है कि चंदा चोरी का यह मामला करोड़ों रुपये के कथित जमीन घोटाले से ध्यान भटकाने की एक साजिश है। आप नेताओं का दावा है कि चंपत राय, अनिल कुमार मिश्रा और अन्य बीजेपी पदाधिकारियों की संलिप्तता के ठोस सबूत उनके पास हैं और जल्द ही बड़ी कार्रवाई की मांग की जा रही है।
🔍 ‘छोटे लोगों को फंसाने का आरोप’
विपक्षी नेताओं का कहना है कि ट्रस्ट से जुड़े बड़े पदाधिकारियों को बचाने के लिए केवल निचले स्तर के कर्मचारियों पर FIR दर्ज की गई है। तेज नारायण पांडे ने सवाल किया कि जब चंदा चोरी और कमीशनखोरी के आरोप पहले भी लगे थे, तब ट्रस्ट ने कोई ठोस FIR क्यों नहीं करवाई? यह मुद्दा अब न केवल आस्था का, बल्कि करोड़ों लोगों के विश्वास और भ्रष्टाचार के एक बड़े राजनीतिक विवाद में बदल गया है।
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