मध्य प्रदेश में DA DR बढ़ाने का ऐलान, फिर भी कर्मचारियों का हर महीने हजारों रुपये का नुकसान

मध्य प्रदेश

भोपाल: मध्य प्रदेश में रहने वाले केंद्र के कर्मचारियों को 58 प्रतिशत महंगाई भत्ता यानी डीए मिल रहा है. इसी प्रकार पेंशनर्स को भी इसी अनुपात में महंगाई राहत यानी डीआर मिल रहा है. लेकिन मध्य प्रदेश के कर्मचारी और पेंशनर्स डीए और डीआर के मामले में केंद्रीय कर्मचारियों से पीछे चल रहे हैं.

सरकार के खिलाफ लामबंद हो रहे कर्मचारी

सरकार ने कर्मचारियों और पेंशनर्स का 3 प्रतिशत डीए और डीआर बढ़ाने की घोषणा तो कर दी, लेकिन अब तक जारी नहीं किया. ऐसे में प्रदेश के सरकारी कर्मचारी और पेंशनर्स सरकार के खिलाफ लामबंद हो रहे हैं. सरकारी कर्मचारियों और पेंशनरों को उम्मीद थी कि सरकार उन्हें दिवाली पर 3 प्रतिशत डीए और डीआर का गिफ्ट दे सकती है.

10 लाख से अधिक परिवारों को मिलेगा लाभ

तृतीय वर्ग कर्मचारी संघ के महामंत्री उमाशंकर तिवारी ने बताया कि “मध्य प्रदेश में करीब साढ़े 7 लाख सरकारी कर्मचारी हैं. इसी तरह करीब साढ़े चार लाख पेंशनर्स हैं. डीए और डीआर नहीं मिलने से इन कर्मचारियों और पेंशनर्स को घर खर्च चलाना मुश्किल हो रहा है. तिवारी ने बताया कि यदि सरकार 3 प्रतिशत डीए और डीआर जारी कर देती है, तो इससे 10 लाख परिवारों के 30 लाख से अधिक सदस्यों को फायदा होगा.”

प्रत्येक महीने 100 करोड़ का अतिरिक्त खर्च

बता दें कि करीब 10 लाख सरकारी कर्मचारियों और पेंशनर्स को अतिरिक्त 3 प्रतिशत मंहगाई भत्ता और मंहगाई राहत देने में हर महीने करीब 100 करोड़ रुपये का खर्च आएगा. यदि सरकार जुलाई महीने से एरियर का भुगतान भी करती है, तो करीब 500 करोड़ रुपये अतिरिक्त खर्च करने होंगे. उमाशंकर तिवारी का कहना है कि “एक तरफ सरकार लाडली बहनों को हर महीने 1800 करोड़ रुपये दे रही है, वहीं कर्मचारियों और पेंशनर्स को हर महीने केवल 100 करोड़ रुपये अतिरिक्त नहीं देने से बच रही है.”

जुलाई 2025 से डीए-डीआर देने की मांग

उमाशंकर तिवारी ने सरकार से कर्मचारियों और पेंशनरों को अविलंब 3 प्रतिशत डीए और डीआर देने की मांग की है. तिवारी ने कहा कि “सरकारी कर्मचारियों और सेवानिवृत्त कर्मचारियों को सरकार मंहगाई से लड़ने के लिए मंहगाई भत्ता और मंहगाई राहत देती है, लेकिन प्रदेश के कर्मचारियों और पेंशनर्स को अभी भी 55 प्रतिशत डीए और डीआर मिल रहा है. जिससे कर्मचारियों और पेंशसर्न के सामने आर्थिक संकट खड़ा हो गया है. कर्मचारियों की मांग है कि उनके आर्थिक मजबूती के लिए मुख्यमंत्री को तत्काल जुलाई 2025 से महंगाई भत्ता और महंगाई राहत देने का आदेश जारी करना चाहिए.”

इस प्रकार हो रहा कर्मचारियों को नुकसान

  • चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी- 1395 से 1620
  • तृतीय श्रेणी कर्मचारी- 1755 से 4419
  • द्वितीय श्रेणी अधिकारी- 5049 से 6048
  • प्रथम श्रेणी अधिकारी- 7191 से 12690

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