पश्चिम बंगाल: राज्य सरकार ने महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण की दिशा में एक बड़ा कदम उठाते हुए ‘अन्नपूर्णा योजना’ की शुरुआत की है। मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने स्पष्ट किया है कि अब महिलाओं को लक्ष्मी भंडार के 1500 रुपये के स्थान पर अन्नपूर्णा योजना के तहत प्रति माह 3000 रुपये की आर्थिक सहायता प्रदान की जाएगी। सरकार ने इसके लिए फॉर्म भरने की प्रक्रिया शुरू कर दी है और इसे एक पारदर्शी तरीके से लागू करने का लक्ष्य रखा है।
📋 आवेदन प्रक्रिया और समय-सीमा
मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया है कि फॉर्म भरने के लिए हड़बड़ी करने की आवश्यकता नहीं है। यह प्रक्रिया अगले 90 दिनों तक (1 जून से) चलेगी।
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फॉर्म कैसे भरें: आवेदन ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों माध्यमों से किए जा सकते हैं।
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घर-घर पहुंच: जो लोग फॉर्म भरने में सक्षम नहीं हैं, उनके लिए सरकारी अधिकारी और नवनिर्वाचित विधायक घर-घर जाकर मदद करेंगे।
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विशेष कैंप: 15, 16 और 17 तारीख को विशेष पब्लिक वेलफेयर कैंप आयोजित किए जाएंगे।
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भुगतान: जो लोग 2 जून तक अपना पंजीकरण करा लेंगे, उन्हें जून महीने से ही धनराशि मिलने लगेगी।
✅ अन्नपूर्णा योजना: कौन है पात्र?
इस योजना का लाभ उठाने के लिए कुछ शर्तें निर्धारित की गई हैं:
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योजना का लाभ केवल असली भारतीय नागरिकों और आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग की महिलाओं को मिलेगा।
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किसे नहीं मिलेगा लाभ: जो लोग आयकर (Income Tax)दाता हैं, सरकारी नौकरी में हैं, या जिन्हें नियमित वेतन/पेंशन मिलती है, वे इस योजना के पात्र नहीं होंगे।
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विवरण: फॉर्म में परिवार से जुड़ी विस्तृत जानकारी मांगी गई है ताकि भविष्य में अन्य सरकारी योजनाओं में इसका उपयोग किया जा सके।
🔍 लक्ष्मी भंडार में गड़बड़ियों का दावा
मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने ‘लक्ष्मी भंडार’ योजना में करीब 30 लाख फर्जी लाभार्थियों के होने का दावा किया है। उन्होंने बताया कि जिन लोगों के नाम वोटर लिस्ट से हटा दिए गए थे, उन्हें भी अभी तक पैसे मिल रहे थे, जिसे ठीक करने के लिए ‘अन्नपूर्णा योजना’ के तहत पूरी लिस्ट की नए सिरे से जांच और वेरिफिकेशन किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि सरकार का उद्देश्य एक साफ-सुथरी और पारदर्शी सूची तैयार करना है ताकि सही जरूरतमंदों तक ही सरकारी खजाने का पैसा पहुँचे।
⚖️ नागरिकता और पात्रता का स्पष्टीकरण
सरकार ने स्पष्ट किया है कि जिन लोगों ने नागरिकता संशोधन अधिनियम (CAA) के तहत नागरिकता के लिए आवेदन किया है, उन्हें इस योजना का लाभ मिलेगा। साथ ही, जिनके नाम से हटा दिए गए हैं लेकिन उन्होंने ट्रिब्यूनल में अपील की है, उन्हें भी अभी अपवाद के तौर पर लिस्ट में शामिल रखा गया है। यह पूरी प्रक्रिया राज्य के महिला और बाल कल्याण विभाग की निगरानी में संचालित होगी।
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