अंबाला-चंडीगढ़ हाईवे पर सद्दोपुर के समीप बुधवार शाम एक बड़ा हादसा होते-होते टल गया। कुरुक्षेत्र की पीएचसी सियाना की एक सरकारी एंबुलेंस, जो मरीज को चंडीगढ़ छोड़कर वापस लौट रही थी, अचानक आग की लपटों में घिर गई। आग इतनी भयावह थी कि देखते ही देखते एंबुलेंस लोहे के ढांचे में तब्दील हो गई। राहत की बात यह रही कि एंबुलेंस में मरीज नहीं था, अन्यथा बड़ी जान-माल की हानि हो सकती थी।
💨 धुआं निकलते ही चालक ने दिखाई सूझबूझ
एंबुलेंस चालक कृष्ण कुमार ने बताया कि वह चंडीगढ़ से वापसी के दौरान अंबाला के सद्दोपुर के करीब पहुंचे थे कि तभी उन्हें इंजन से धुआं निकलता दिखाई दिया। उन्होंने तुरंत गाड़ी किनारे खड़ी की और बाहर निकल आए। बोनट खोलते ही आग ने विकराल रूप ले लिया और पूरे वाहन को अपनी चपेट में ले लिया। चालक की सतर्कता से ही उनकी जान सुरक्षित बच पाई।
🚒 दमकल विभाग के पहुंचने से पहले ही वाहन हुआ राख
हादसे की सूचना मिलते ही फायर ब्रिगेड को सूचित किया गया, लेकिन हाईवे पर लगी इस आग की रफ्तार इतनी तेज थी कि दमकल गाड़ियां मौके पर पहुँचतीं, तब तक एंबुलेंस पूरी तरह जलकर खाक हो चुकी थी। मौके पर मौजूद राहगीरों में अफरा-तफरी का माहौल रहा।
🛠️ मेंटेनेंस और फिटनेस पर उठे सवाल
सरकारी आपातकालीन सेवा के वाहन में लगी इस आग ने विभाग की कार्यप्रणाली पर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं। शुरुआती तौर पर हादसे का कारण शॉर्ट सर्किट या इंजन ओवरहीटिंग बताया जा रहा है। अब यह जांच का विषय है कि क्या एंबुलेंस की समय पर मेंटेनेंस और फिटनेस जांच हुई थी या नहीं। इस घटना ने आपातकालीन वाहनों की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर नई बहस छेड़ दी है।
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