जम्मू-कश्मीर में लगातार बारिश, भूस्खलन और खराब मौसम की वजह से पिछले छह दिनों से रुकी अमरनाथ यात्रा शनिवार को आधिकारिक रूप से बहाल कर दी गई है। मौसम में सुधार आने और उधमपुर-रामबन मार्ग पर जम्मू-श्रीनगर राष्ट्रीय राजमार्ग के खुलने के बाद अधिकारियों ने भगवती नगर बेस कैंप से श्रद्धालुओं के नए जत्थे को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया।
🚌 बालटाल रूट के लिए रवाना हुआ 18वां जत्था, कड़े सुरक्षा घेरे में जा रहे तीर्थयात्री
अधिकारियों के अनुसार 18वें जत्थे में कुल 6,269 तीर्थयात्री शामिल हैं। इनमें 1,470 महिलाएं, 25 बच्चे और 54 साधु भी शामिल हैं, जो तड़के करीब 2:40 बजे 223 वाहनों के काफिले में बालटाल बेस कैंप के लिए रवाना हुए। मौसम और ट्रैक की स्थिति को देखते हुए फिलहाल जत्थे को केवल छोटे 14 किलोमीटर वाले बालटाल मार्ग के लिए भेजा गया है। 48 किलोमीटर वाले पारंपरिक पहलगाम मार्ग के लिए अभी कोई काफिला रवाना नहीं किया गया है। जम्मू से कश्मीर जाने वाले सभी तीर्थयात्रियों को सुरक्षा बलों के कड़े घेरे और एस्कॉर्ट कॉन्वॉय के तहत ले जाया जा रहा है।
🛣️ हाईवे खुलने और मौसम साफ होने के बाद प्रशासन ने दी हरी झंडी
19 जुलाई को जम्मू-कश्मीर और पवित्र गुफा जाने वाले दोनों मार्गों (पहलगाम और बालटाल) पर भारी बारिश के चलते यात्रा को एहतियातन रोक दिया गया था। साथ ही उधमपुर-रामबन खिंचाव में लैंडस्लाइड और पहाड़ियों से पत्थर गिरने के कारण जम्मू-श्रीनगर नेशनल हाईवे तीन दिनों तक बंद रहा। शनिवार को हाईवे पर मलबा हटाकर यातायात सुचारू होते ही प्रशासन ने अमरनाथ यात्रा फिर से शुरू कराने का निर्णय लिया।
🔱 अब तक करीब 4 लाख श्रद्धालुओं ने किए बाबा बर्फानी के दर्शन, 28 अगस्त को समापन
उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने 2 जुलाई को भगवती नगर बेस कैंप से पहले जत्थे को हरी झंडी दिखाई थी, जिसके बाद 3 जुलाई से घाटी में औपचारिक यात्रा शुरू हुई थी। यह 52 दिवसीय पवित्र यात्रा रक्षाबंधन के दिन 28 अगस्त 2026 को समाप्त होगी। आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार अब तक लगभग 4 लाख श्रद्धालु 3,880 मीटर की ऊंचाई पर स्थित पवित्र अमरनाथ गुफा में हिम शिवलिंग के दर्शन कर चुके हैं। इनमें से करीब 1.20 लाख श्रद्धालुओं ने अपनी यात्रा जम्मू के भगवती नगर बेस कैंप से शुरू की है।
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