शुक्रवार को मौसम ने अचानक करवट ले ली, जिससे उत्तर भारत के कई पहाड़ी इलाकों में ठंड और बारिश का असर तेजी से बढ़ गया. जम्मू-कश्मीर में बीती रात से मौसम के बिगड़ने के कारण जनजीवन थम सा गया है. बारिश और बर्फबारी का यह दौर इस साल पहली बार जम्मू प्रांत में इतने बड़े स्तर पर देखा गया है. इस बदलते मौसम का सबसे ज्यादा असर त्रिकुटा पहाड़ियों पर पड़ा, जहां भारी बारिश और बर्फबारी के कारण वैष्णो देवी धाम की यात्रा को एहतियातन रोकना पड़ा है.
माता वैष्णो देवी के भवन में भी बीती रात से बारिश हो रही थी और सुबह होते ही बर्फबारी शुरू हो गई. इसके बाद वैष्णो देवी के दर्शन के लिए आने वाले नए यात्रियों के पंजीकरण पर फिलहाल रोक लगा दी गई है. त्रिकुटा पहाड़ियों पर लगातार हो रही भारी बारिश और बर्फबारी के कारण रास्ते फिसलन भरे हो गए हैं और यात्रियों की सुरक्षा को लेकर खतरा बढ़ गया है.
भूस्खलन का बढ़ जाता है खतरा
इसके अलावा बारिश और बर्फबारी के कारण भूस्खलन का खतरा भी बढ़ जाता है. इसी को ध्यान में रखते हुए श्री माता वैष्णो देवी श्राइन बोर्ड ने यात्रा अस्थायी रूप से स्थगित करने का फैसला लिया है और यात्रा पर रोक लगा दी गई है. मौसम विभाग के अनुसार अगले 36 घंटों तक जम्मू-कश्मीर में मौसम का मिजाज इसी तरह बना रहेगा. मैदानी इलाकों में बारिश और पहाड़ी क्षेत्रों में बर्फबारी का सिलसिला जारी रहने की संभावना है.
पहाड़ी क्षेत्रों में बर्फबारी जारी
जम्मू के मैदानी इलाकों में लगातार बारिश हो रही है, जबकि ऊंचाई वाले और पहाड़ी क्षेत्रों में बर्फबारी जारी है. पर्यटन स्थल पटनीटॉप में रात करीब 1:30 बजे से बर्फबारी शुरू हुई, जो अब भी जारी है. वहीं राजौरी और पूंछ के ऊंचे पहाड़ी इलाकों में भी लगातार बर्फ गिर रही है. मौसम विभाग ने कई स्थानों पर भारी हिमपात की संभावना जताई है.
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