लखनऊ: समाजवादी पार्टी (सपा) के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव (Akhilesh Yadav) ने शुक्रवार को सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी (BJP) पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने कहा कि भाजपा राम मंदिर में चढ़ावे की कथित चोरी से जनता का ध्यान भटकाने के लिए हनुमानगढ़ी मंदिर की सीढ़ियों पर नमाज पढ़े जाने का ‘मिथ्या प्रचार’ कर रही है। अखिलेश यादव की यह तीखी टिप्पणी उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के उस हालिया आरोप के बाद आई है, जिसमें सीएम ने कहा था कि सपा ने अपने शासनकाल में हनुमानगढ़ी की सीढ़ियों पर नमाज पढ़वाने का ‘पाप’ किया था।
सपा प्रमुख ने शेयर किया महंत आनंद दास का वीडियो
इस विवाद के बीच अखिलेश यादव ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ (X) पर हनुमानगढ़ी के महंत आनंद दास का एक वीडियो साझा किया है। खबरों के अनुसार, महंत ने एक समाचार पोर्टल से बातचीत करते हुए मुख्यमंत्री के दावे को सिरे से खारिज किया था। सपा प्रमुख ने इसी साधु का पत्रकारों से बातचीत का वीडियो शेयर करते हुए दावा किया कि हनुमानगढ़ी को लेकर यह विवाद सिर्फ राम मंदिर की चोरी से ध्यान हटाने के लिए खड़ा किया जा रहा है।
‘राम मंदिर की चोरी से ध्यान भटकाने के लिए रची साजिश’
वीडियो साझा करते हुए अखिलेश यादव ने सीएम आदित्यनाथ का नाम लिए बिना भाजपा पर तीखा हमला बोला। उन्होंने लिखा, “भाजपा की चोरी, लूट, छल-कपट, झूठ और फरेब की अधर्मी राजनीति अब प्रभु राम के मंदिर से आगे बढ़कर हनुमानगढ़ी तक पहुंच गई है। जो ‘महामुख’ हनुमानगढ़ी को लेकर मिथ्या-प्रचार कर रहे हैं, वे अपने महापाप का प्रायश्चित करें और स्वीकार करें कि वे राम मंदिर की चोरी से ध्यान भटकाने के लिए ऐसा कर रहे हैं।” उन्होंने चुनौती देते हुए कहा कि अन्यथा वे हनुमानगढ़ी की सीढ़ियां घुटनों के बल चढ़कर आस्था के इस अनादि तीर्थ से क्षमा याचना करें।
‘धार्मिक पद का अपमान कर रहे हैं, झूठ बोलना है तो साधारण वेशभूषा पहनें’
अखिलेश यादव ने आगे कहा, “संकीर्ण राजनीति करते-करते वे भूल जाते हैं कि झूठ बोलकर वे अपने धार्मिक पद का भी अपमान कर रहे हैं। यदि उन्हें झूठ ही बोलना है तो साधारण व्यक्ति की वेशभूषा धारण करके ऐसा करें।” सपा प्रमुख ने कहा कि अपने निजी स्वार्थ के लिए आस्था के प्रतीकों का इस्तेमाल कर भोले-भाले श्रद्धालुओं को ठगना ‘महा अधर्म’ है। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि जब हनुमानगढ़ी की अपार आध्यात्मिक शक्ति सामान्य पापियों को दंड दे सकती है, तो इन ‘महापापियों’ का क्या हश्र होगा, यह बताने की जरूरत नहीं है।
शंकराचार्य के बयान का समर्थन, बोले- ‘भाजपा फिर कभी नहीं आनी चाहिए’
एक अन्य पोस्ट में अखिलेश यादव ने ज्योतिर्मठ के स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती का भी खुला समर्थन किया, जिन्होंने मुख्यमंत्री की टिप्पणी पर सवाल उठाए थे। यादव ने कहा, “हम पूज्य शंकराचार्य के बयान का शत-प्रतिशत समर्थन करते हैं। अधर्मी भाजपा नेताओं और उनके सहयोगियों ने पहले अयोध्या को लूटा और बर्बाद किया, और अब झूठ फैलाकर उसे बदनाम कर रहे हैं। इससे अयोध्या के साधु-संत बेहद आहत और नाराज हैं।” अखिलेश ने अपनी बात खत्म करते हुए कहा कि अब हर श्रद्धालु को यही कहना चाहिए कि ‘भाजपा फिर कभी नहीं आनी चाहिए’।
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