बेटी पराई नहीं! 2 दिन पड़ा रहा पिता का शव, किसी ने देखा तक नहीं, शिल्पी ने खुद दिया कंधा; अंतिम संस्कार भी किया

उत्तर प्रदेश

उत्तर प्रदेश के जालौन जिले के कोतवाली क्षेत्र के औरखी गांव में हुई एक हृदय विदारक घटना ने पूरे इलाके को झकझोर दिया है. यहां एक पिता की मृत्यु के बाद पारिवारिक विवाद इस कदर बढ़ गया कि मृतक का शव पूरे दो दिन तक घर में ही रखा रहा. परिवार में आपसी मतभेद और कलह के कारण अंतिम संस्कार टलता रहा. आखिर में सोमवार को पुलिस हस्तक्षेप के बाद मृतक की विवाहिता बेटी शिल्पी ने परंपरा से हटकर अपने पिता को मुखाग्नि दी.

इस दौरान बेटी ने अपने पिता की मौत को संदिग्ध बताते हुए हत्या की आशंका भी जताई. औरखी गांव के रहने मृतक की अचानक मौत ने परिवार को गहरे दुख में डाल दिया, लेकिन मृत्यु के बाद स्थिति उस समय जटिल हो गई, जब पारिवारिक विवाद और आरोप-प्रत्यारोप के चलते शव का अंतिम संस्कार टलता चला गया. परिवार के कुछ सदस्य आपस में उलझते रहे और शव को दफनाने या जलाने की प्रक्रिया आगे नहीं बढ़ पाई. इस बीच गांव में भी तरह-तरह की चर्चाएं फैलने लगीं.

बेटी ने दी पिता को मुखाग्नि

मामले की सूचना मिलने पर स्थानीय पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम की प्रक्रिया शुरू कराई. पुलिस अभिरक्षा में पोस्टमार्टम पूरा होने के बाद शव को परिवार को सौंपा गया. इसके बाद अंतिम संस्कार की तैयारी की गई. इस दौरान पुलिस की मौजूदगी में मृतक का अंतिम संस्कार कराया गया, ताकि किसी भी तरह की अनहोनी या विवाद की स्थिति उत्पन्न न हो. सबसे भावुक और मार्मिक क्षण तब सामने आया जब मृतक की विवाहिता बेटी शिल्पी ने अपने पिता को मुखाग्नि दी.

हर कोई हुआ भावुक

आमतौर पर हिंदू रीति-रिवाजों में अंतिम संस्कार की जिम्मेदारी बेटे पर होती है, लेकिन मृतक की कोई बेटा न होने के कारण हालात ने बेटी को यह दायित्व निभाने के लिए मजबूर कर दिया. शिल्पी ने अपने पिता के शव को कंधा दिया और फिर परंपरा निभाते हुए चिता को अग्नि दी. इस दृश्य ने वहां मौजूद हर किसी को भावुक कर दिया. अंतिम संस्कार के दौरान शिल्पी ने खुलकर कहा कि उसके पिता की मौत स्वाभाविक नहीं है, बल्कि यह एक सोची-समझी साजिश हो सकती है.

बेटी ने जताया पिता की हत्या का शक

उसने आरोप लगाया कि उसके पिता की हत्या की गई है और पूरे मामले की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए. शिल्पी की यह बात गांव वालों के बीच भी चर्चा का विषय बन गई. पुलिस ने बेटी के आरोपों को गंभीरता से लिया है और साक्ष्य जुटाने की प्रक्रिया शुरू कर दी है. पोस्टमार्टम रिपोर्ट में हत्या का कोई सबूत नहीं मिला, उसमें स्वाभाविक मौत सामने आई है. ग्रामीणों का कहना है कि पुलिस को मामले की गहराई से जांच करनी चाहिए, ताकि सच्चाई सामने आ सके.

वही इस मामले में जालौन कोतवाली के प्रभारी निरीक्षक अजय ब्रह्म तिवारी ने बताया कि मृतक की जमीन को लेकर परिवार में विवाद बना रहा, जिस कारण अंतिम संस्कार में देरी हुई. बेटी को समझाने के बाद अंतिम संस्कार कराया गया, जहां बेटी ने पिता को कंधा दिया गया और फिर उसकी चिता को मुखाग्नि भी दी.

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