ED की महाराष्ट्र के 12 लोकेशन पर छापेमारी, म्यूनिसिपल कॉरपोरेशन कमिश्नर भी रडार पर

महाराष्ट्र

प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने महाराष्ट्र के अलग-अलग हिस्सों में मंगलवार को बड़ी कार्रवाई की है. ईडी ने वसई, नासिक और पुणे में कुल 12 ठिकानों पर छापेमारी की है. यह कार्रवाई वसई इलाके में हुए कथित अवैध निर्माण से जुड़े मामले में की जा रही है. वसई विरार नगर निगम (VVMC) के कमिश्नर भी ईडी की जांच के दायरे में हैं.

प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, यह छापेमारी अवैध निर्माण से जुड़े मामलों के चलते की गई है. सोमवार को ही वसई-विरार नगर आयुक्त का कार्यभार मनोज कुमार सूर्यवंशी को सौंपा गया था, और कुछ ही घंटों बाद यह कार्रवाई सामने आई. प्रवर्तन निदेशालय ने आज सुबह वसई-विरार नगर निगम के पूर्व आयुक्त अनिल कुमार पवार के आवास और आधिकारिक परिसरों की तलाशी ली.

41 अनधिकृत इमारतों के खिलाफ कार्रवाई

यह कर्रवाई सीवेज ट्रीटमेंट और डंपिंग ग्राउंड के लिए आरक्षित 60 एकड़ भूमि पर 41 इमारतों के अनधिकृत निर्माण से संबंधित मनी लॉन्ड्रिंग की जांच के संबंध में की गई. कल ही वसई विरार के म्यूनिसिपल कमिश्नर अनिल पवार का फेयरवेल हुआ था. उन्होंने वसई-विरार शहर नगर निगम के आयुक्त का कार्यभार मनोज कुमार सूर्यवंशी को सौंप दिया था, और आज ED ने वसई विरार मेंअवैध कंस्ट्रक्शन मामले में उनकी संपत्ती पर छापे मारे.

प्रवर्तन निदेशालय को संदेह है कि वसई-विरार क्षेत्र में अवैध निर्माणों को लेकर बड़े पैमाने पर घोटाला हुआ है. इससे पहले इसी मामले को लेकर ईडी ने 13 ठिकानों पर छापे मारे थे, और करीब 9 करोड़ रुपये की संपत्ति को जब्त किया था. इस मामले में पहले ईडी ने वसई-विरार क्षेत्र के एक बिल्डर, आर्किटेक्ट और नगर निगम के अधिकारी वाई.एस. रेड्डी के ठिकानों पर भी छापा मारा था. अभी ईडी की टीम अनिल कुमार पवार के निवास स्थान पर दस्तावेजों की जांच कर रही है. ED की यह कार्रवाई भ्रष्टाचार और अवैध निर्माण के खिलाफ केंद्र सरकार की सख्ती का हिस्सा मानी जा रही है.

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