हरियाणा के पानीपत जिले से एक बेहद दर्दनाक और कलेजा कँपा देने वाली खबर सामने आई है. यहाँ यमुना नदी में नहाने के दौरान एक बड़ा हादसा हो गया. अपने मासूम बेटे और भतीजे को नदी के तेज बहाव में डूबता देख एक बेबस पिता ने अपनी जान की परवाह किए बिना यमुना में छलांग लगा दी. उसने अपनी सूझबूझ और कड़ी मशक्कत से अपने सगे बेटे को तो सुरक्षित बाहर निकाल लिया और उसकी जान बचा ली, लेकिन अपने भतीजे को बचाने के चक्कर में वह खुद गहरे पानी में समा गया. इस बेहद दुखद और हृदयविदारक हादसे में चाचा और भतीजे दोनों की पानी में डूबने से मौके पर ही मौत हो गई. इस घटना के बाद से पूरे गांव और परिवार में चीख-पुकार मची हुई है.
👦 घर से लापता बच्चों को ढूंढने यमुना किनारे पहुंचा था जाबिर: पिता को देखते ही पानी में कूदे मासूम और शुरू हुआ खौफनाक मंजर
प्राप्त प्राथमिक जानकारी के अनुसार, इस हादसे में जान गंवाने वाले व्यक्ति की पहचान जाबिर के रूप में हुई है, जबकि उसके मृतक भतीजे का नाम आवेश बताया जा रहा है. परिजनों ने बताया कि जाबिर का बेटा और उसका भतीजा आवेश दोनों दोपहर के समय घर से बिना बताए कहीं निकल गए थे और काफी देर से लापता थे. जब जाबिर उन्हें ढूंढते हुए यमुना नदी के किनारे पहुंचा, तो जाबिर को अपनी तरफ आता देख दोनों बच्चे नासमझी में अचानक यमुना के पानी में कूद गए. नदी का बहाव तेज होने के कारण बच्चे कूदते ही अनियंत्रित हो गए और गहरे पानी में डूबने लगे. अपने बच्चों को मौत के मुंह में जाता देख जाबिर ने बिना एक पल गंवाए नदी में छलांग लगा दी.
🌊 बेटे को सुरक्षित बाहर निकाला पर भतीजे को बचाते समय खुद डूबा: परिजनों का आरोप—’UP में हो रहे अवैध खनन के कुंड ने ली जान’
नदी के भीतर जाबिर ने दोनों बच्चों को बचाने के लिए जमीन-आसमान एक कर दिया. काफी जद्दोजहद और मशक्कत के बाद वह अपने बेटे को तो पानी से खींचकर सुरक्षित किनारे पर लाने में सफल रहा, लेकिन जैसे ही वह दोबारा अपने भतीजे आवेश को बचाने के लिए गहरे पानी की तरफ बढ़ा, वह खुद असमर्थ हो गया और आवेश के साथ गहरे पानी में डूब गया. पीड़ित परिजनों ने उत्तर प्रदेश प्रशासन पर बेहद गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि यूपी की सीमा में यमुना नदी से धड़ल्ले से अवैध रूप से रेत का खनन किया जा रहा है. इस अवैध खनन की वजह से नदी के भीतर जगह-जगह बहुत गहरे और जानलेवा कुंड (गड्ढे) बन गए हैं. परिजनों का दावा है कि इन्हीं अवैध कुंडों में फंसने की वजह से जाबिर और उसका भतीजा आवेश बाहर नहीं निकल पाए और डूब गए.
🏥 मौके पर पहुंची पुलिस ने शवों को निकाला बाहर: पानीपत के सामान्य अस्पताल में पोस्टमार्टम के लिए रखवाए गए शव, जांच शुरू
इस भयानक घटना की लाइव सूचना स्थानीय ग्रामीणों द्वारा पुलिस को दी गई. सूचना मिलते ही स्थानीय थाना पुलिस और गोताखोरों की टीम तुरंत मौके पर पहुंची और रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया. गोताखोरों ने कड़ी मशक्कत के बाद जाबिर और मासूम आवेश के शवों को नदी के गहरे पानी से बाहर निकाला. पुलिस ने दोनों के शवों का पंचनामा भरकर उन्हें पोस्टमार्टम के लिए पानीपत के सामान्य (सिविल) अस्पताल के शवगृह में रखवा दिया है. पुलिस अधिकारियों का कहना है कि परिजनों के अवैध खनन के आरोपों और हादसे के सभी पहलुओं को ध्यान में रखकर वैधानिक जांच शुरू कर दी गई है.
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