हरियाणा के करनाल जिले से एक बेहद दर्दनाक और विचलित कर देने वाली खबर सामने आई है. यहाँ एक 32 वर्षीय महिला भयानक सड़क हादसे का शिकार हो गई. यह दर्दनाक वाकया उस समय हुआ जब महिला एक निजी बस से नीचे उतर रही थी, तभी अचानक संतुलन बिगड़ने के कारण वह सड़क पर गिर गई. दुर्भाग्यवश, तेज रफ्तार बस का पिछला पहिया महिला के ऊपर से गुजर गया, जिससे मौके पर ही उसने दम तोड़ दिया. इस भयानक हादसे के बाद मार्ग पर काफी देर तक अफरा-तफरी का माहौल बना रहा और राहगीरों की भारी भीड़ जमा हो गई.
👩 सिलाई का काम कर 3 बच्चों का पेट पालती थी राजेश देवी: रोज की तरह सेंटर से काम खत्म कर बस से लौट रही थी घर
मिली प्राथमिक जानकारी के अनुसार, मृतका की पहचान करनाल के ग्राम मंगलौरा की रहने वाली 32 वर्षीय राजेश देवी के रूप में हुई है. परिजनों ने बताया कि मृतक महिला राजेश देवी के 3 छोटे बच्चे हैं और वह अपने स्तर पर सिलाई (Tailoring) का काम करके अपने परिवार का पालन-पोषण करने में हाथ बंटाती थी. रोज की तरह वह गुरुवार शाम को भी सिलाई सेंटर से अपना काम खत्म करके वापस बस में सवार होकर अपने घर लौट रही थी. किसी को अंदाजा नहीं था कि चंद मिनटों बाद ही एक बड़ी अनहोनी होने वाली है.
🚌 चलती बस से उतरने के प्रयास में बिगड़ा संतुलन: पुलिस ने आरोपी ड्राइवर को किया गिरफ्तार, परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, जब निजी बस मंगलौरा बस स्टॉप के पास पहुंची, तो राजेश देवी नीचे उतरने के लिए दरवाजे के पास आईं. बताया जा रहा है कि बस अभी पूरी तरह से रुकी भी नहीं थी कि उन्होंने नीचे उतरने का प्रयास किया. इसी जल्दबाजी के दौरान अचानक उनका पैर फिसल गया और संतुलन बिगड़ने से वह सीधे सड़क पर गिर गईं. लापरवाही बरतते हुए बस ड्राइवर ने गाड़ी रोकने के बजाय आगे बढ़ा दी, जिससे बस का भारी पहिया उन्हें बेरहमी से रौंदता हुआ निकल गया. इधर, घटना की लाइव सूचना मिलते ही स्थानीय थाना पुलिस तुरंत मौके पर पहुंची. पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी बस ड्राइवर को वाहन सहित पकड़ लिया है और बस को जब्त कर लिया है. इस अचानक हुई मौत से मृतका के मासूम बच्चों और परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है.
संपादकीय टिप्पणी: चलती या आधी रुकी हुई बसों से उतरने की जल्दबाजी और ड्राइवरों द्वारा बस स्टॉप पर गाड़ी पूरी तरह न रोकना लगातार जानलेवा साबित हो रहा है। क्या आपको लगता है कि प्राइवेट बसों में ऑटोमैटिक हाइड्रोलिक दरवाजे अनिवार्य होने चाहिए, जो बस के पूरी तरह रुकने के बाद ही खुलें? अपने विचार नीचे कमेंट बॉक्स में साझा करें।
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