कर्नाटक के बागलकोट में पुलिस सब-इंस्पेक्टर और कांस्टेबल लोकायुक्त रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों पकड़े गए. इस दौरान लोगों ने पटाखे फोड़कर जश्न मनाया. लोगों ने कहा कि ये पहली बार नहीं जब रिश्वत के मामले में गिरफ्तारी हुई है. आरोपी पुलिस सब- इस्पेक्टर लगातार लोगों से रिश्वत मांगने और काम करने के लिए उन्हें परेशान करने का काम करता था. ऐसा ही कुछ, इस मामले में भी था, लेकिन इसबार आरोपी को लोकायुक्त की टीम ने रंगे हाथ पकड़ लिया
बागलकोट जिले के बादामी तालुक के केरूर पुलिस स्टेशन के पुलिस सब-इंस्पेक्टर भीमप्पा रबकवी और कांस्टेबल संतोष बिरादर को मुथप्पा नाइकर से रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों पकड़ा गया. इसके चलते युवकों के एक समूह ने केरूर पुलिस स्टेशन के सामने पटाखे फोड़कर जश्न मनाया. लोगों ने कहा कि ये न्याय की जीत है, कानून सब के लिए बराबर है.
रिश्वत के 1.70 लाख रुपये बरामद
पुलिस, जो इस्फीत खेल रहे एक आरोपी को बचाने की कोशिश कर रही थी. आरोपी से बाइक छोड़ने के बदले 2 लाख रुपये की रिश्वत मांगी थी. मुथप्पा नाइकर ने इस संबंध में लोकायुक्त के पास शिकायत दर्ज कराई थी. इस शिकायत के आधार पर, एसपी महालिंग नंदगामवी के मार्गदर्शन में लोकायुक्त ने छापा मारा और पीएसआई भीमप्पा और पीसी बिरदारन को 1.70 लाख रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों पकड़ लिया. इसके बाद युवकों ने पटाखे फोड़े और जश्न मनाया.
आरोपियों के खिलाफ जांच शुरू
इंस्पेक्टर भीमप्पा के व्यवहार ने जनता के विरोध को जन्म दिया था. पीएसआई पर कई आरोप लगे थे. अब, लोकायुक्त के जाल में फंसते ही लोग खुशी से झूम उठे हैं. अब, हम इंस्पेक्टर के सभी गलत कामों के सबूत पेश करेंगे. इसीलिए एसपी ने मौके पर आने की जिद की. यह घटना चौंकाने वाली है. क्योंकि, लोकायुक्त के जाल में फंसने पर पीएसआई का इतना जश्न मनाना दुर्लभ है. इसका मतलब है कि पीएसआई अपनी काबिलियत दिखा रहा है.
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