उत्तर प्रदेश के मुरादाबाद जिले में दहेज के लोभ ने एक परिवार की खुशियों को मातम में बदल दिया है. पाकबड़ा थाना इलाके के रफ़तपुरा चौराहा स्थित ख्वाजा गरीब नवाज बैंक्वेट हॉल में निकाह की तमाम तैयारियां धरी की धरी रह गईं है. जब दहेज की अतिरिक्त मांग पूरी न होने पर दूल्हा बारात लेकर नहीं पहुंचा. परिजनों ने दूल्हे और उसके परिवार के खिलाफ पुलिस में शिकायत की है. लड़की के परिजनों का आरोपी है कि दूल्हा की तरफ से अचानक अतिरिक्त दहेज की मांग की गई थी.
दरअसल, ग्राम पूरी (थाना मैनाठेर) निवासी गुलबशा का रिश्ता करीब डेढ़ साल पहले खौरी निवासी बिनयामीन के साथ तय हुआ था. 22 अप्रैल को निकाह की तारीख मुकर्रर थी और दुल्हन पक्ष ने 1500 मेहमानों के लिए भोजन सहित भव्य इंतजाम किए थे. पीड़ित परिवार का आरोप है कि वे सगाई और अन्य रस्मों में पहले ही करीब 15 लाख रुपये खर्च कर चुके थे, लेकिन इसके बावजूद लड़का पक्ष और अधिक पैसों की लालसा में था.
दूल्हे ने दहेज में मांगे 15 लाख
लड़की के परिजनों ने बताया कि निकाह से ठीक पहले दूल्हे ने 15 लाख रुपये नगद मांगे. बहनों के लिए 10 सोने की अंगूठियां और भाइयों के लिए 3 सोने की चेन की नई मांग अचानक रख दी गई है. इस विषय पर 20 अप्रैल को पुलिस चौकी में पंचायत भी हुई थी. जिसमें यह तय हुआ था कि यदि दुल्हन पक्ष 10 लाख रुपये नहीं दे पाता है, तो लड़का पक्ष तय समय पर बारात लेकर आएगा. निकाह के दिन दोपहर तक इंतजार करने के बाद भी जब बारात नहीं आई, तो दुल्हन और उसके परिजनों के सब्र का बांध टूट गया है. लड़की के परिजनों के द्वारा पुलिस को शिकायत देकर कानूनी कार्यवाही की मांग की गई है.
पीड़ित दुल्हन का छलका दर्द
पकबड़ा इलाके के इस पूरे मामले में लड़का पक्ष की हठधर्मिता साफ नजर आ रही है. दुल्हन गुलबशा और उसकी मां हाजरा बेगम ने अत्यंत भावुक होकर बताया कि डेढ़ साल से रिश्ता जुड़ा होने के बावजूद अंतिम समय पर इतनी बड़ी रकम और सोने के जेवरातों की मांग करना उनके साथ, सरासर अन्याय है. जिला पंचायत सदस्य राबुल पाशा ने बताया, बारात में करीब एक हजार लोग आने वाले थे, जिसके लिए भारी-भरकम इंतजाम किए गए थे. लोगो ने कहा समझौते के मुताबिक, लड़के वालों ने आश्वासन दिया था कि वे पैसे न मिलने की स्थिति में भी बारात लाएंगे, लेकिन अंतिम समय पर उन्होंने फोन करके साफ कह दिया कि वे नहीं आ रहे हैं, इस धोखे ने न केवल एक बेटी के अरमानों को ठेस पहुंचाई है, बल्कि परिवार को आर्थिक और मानसिक रूप से भी तोड़ दिया है.
पुलिस से कार्रवाई की मांग
बारात न आने की सूचना मिलते ही शादी समारोह में सन्नाटा पसर गया और दुल्हन पक्ष के गांव में आक्रोश फैल गया है, दुल्हन की आंखों में भविष्य को लेकर अनिश्चितता और न्याय की गुहार है. पीड़ित परिवार ने अब इस मामले को कानून के दरवाजे तक ले जाने का फैसला किया है. पीड़ित परिवार ने पाकबड़ा थाना और संबंधित पुलिस चौकी में दूल्हे बिनयामीन और उसके परिवार के खिलाफ लिखित तहरीर दी है. दुल्हन पक्ष की मांग है कि पुलिस प्रशासन इस मामले में हस्तक्षेप करे और दोषी लड़के पक्ष के खिलाफ सख्त से सख्त कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित करें, ताकि भविष्य में कोई और बेटी दहेज की वेदी पर न चढ़े.
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