हरियाणा के ऊर्जा मंत्री अनिल विज ने प्रदेश के बिजली उपभोक्ताओं पर बकाया 8,200 करोड़ रुपये की भारी-भरकम राशि को वसूलने के लिए निर्णायक जंग का ऐलान कर दिया है। सोमवार को चंडीगढ़ में आयोजित एक उच्चस्तरीय बैठक में मंत्री ने अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए कि एक लाख रुपये से अधिक के बकायेदारों पर भूमि वसूली अधिनियम (Land Recovery Act) के तहत कार्रवाई करते हुए उनकी संपत्ति नीलाम की जाए।
जिन उपभोक्ताओं पर 1 लाख रुपये से अधिक का बिल बकाया है, उनकी अचल संपत्ति को जब्त कर नीलाम करने की प्रक्रिया शुरू होगी। 15 दिनों का अल्टीमेटम: जिन उपभोक्ताओं के कनेक्शन स्थायी रूप से (PDCO) काटे जा चुके हैं, उन्हें अगले 15 दिनों के भीतर अंतिम नोटिस जारी किए जाएंगे। बिजली निगम (UHBVN और DHBVN) पूरे प्रदेश में वसूली के लिए एक आक्रामक विशेष अभियान चलाएंगे।
ऊर्जा मंत्री ने बैठक में अधिकारियों को चेताते हुए कहा कि वसूली की प्रक्रिया में किसी भी स्तर पर ढिलाई बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने कहा, “वसूली प्रक्रिया तय समय सीमा में पूरी होनी चाहिए। सरकारी राजस्व को दबाकर बैठने वालों के खिलाफ अब कानून अपना काम करेगा। प्रदेश में बिजली निगमों का घाटा बढ़ रहा है, जिसका मुख्य कारण सालों से लंबित पड़े बिल हैं। 8,200 करोड़ रुपये की बकाया राशि के कारण बुनियादी ढांचे के विकास में बाधा आ रही है। सरकार अब इस राशि को वसूल कर बिजली व्यवस्था को और दुरुस्त करने की योजना बना रही है।
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