लुधियाना: स्वास्थ्य विभाग द्वारा लगभग 3 वर्ष पहले बाडे़वाल में स्थित पंचशील बिहार की एक देसी घी का निर्माण करने वाली फैक्ट्री में छापा मार कर लगभग 10 क्विंटल देसी घी और सोयाबीन रिफाइंड तेल का स्टॉक जब्त किया गया था। बाद में इसके सैंपल जांच में फेल पाए गए यानी कि इसे खाने योग्य नहीं पाया गया। यह मामला 12 फरवरी 2022 का है।
विशेषज्ञों के अनुसार यह एक सगींन मामला था जिस पर फौरन कार्रवाई होनी चाहिए थी क्योंकि फूड सेफ्टी एंड स्टैंडर्ड एक्ट की धाराओं के अनुसार अनसेफ फूड सैंपल के मामले में लाखों रुपए जुर्माना के साथ उम्र कैद तक का प्रावधान है। परंतु कथित तौर पर मिली भगत के चलते स्वास्थ विभाग द्वारा इस पर कोई कार्रवाई नहीं की गई इसके विपरीत कुछ दिनों में उक्त जप्त किया हुआ स्टॉक गायब हो गया। स्वास्थ्य विभाग द्वारा एक जांच कमेटी का गठन कर इस मामले की जांच का जिम्मा सौंपा गया परंतु अपनी पहुंच के चलते जिला स्वास्थ्य अधिकारी और फूड सेफ्टी अफसर जांच की कार्रवाई को आगे डालते रहे। लगभग 3 वर्षों बाद जब उन्हें यह इल्म हुआ कि जांच कमेटी में वह अपने पर आरोप आने से नहीं बच पाएंगे तब जाकर पुलिस में स्टॉक की चोरी का मुकदमा दर्ज करा दिया गया। थाना सराभा नगर में 9 तारीख को फूड सेफ्टी अफसर तरुण बंसल द्वारा दर्ज कराए गए मुकदमे में पुलिस ने भारतीय दंड संहिता की धारा 186, 201 तथा 380 के तहत मुकदमा दर्ज कर लिया है।
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