चंडीगढ़: हरियाणा भाजपा 7 अक्टूबर को अपनी संगठनात्मक सक्रियता का एक बड़ा और कड़ा संदेश देने जा रही है। एक ही दिन पार्टी का केंद्रीय व प्रदेश नेतृत्व प्रदेश के तीन प्रमुख क्षेत्रों में सेवा गतिविधियों के माध्यम से सीधे कार्यकर्ताओं के बीच पहुंचेगा।
निर्धारित कार्यक्रमों के अनुसार, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह कुरुक्षेत्र में ‘सेवा ज्योति यात्रा’ में शामिल होंगे, जबकि नवनियुक्त प्रदेश भाजपा प्रभारी स्मृति ईरानी जींद और प्रदेश सह प्रभारी भोला सिंह करनाल में इसी अभियान से जुड़े कार्यक्रमों में शिरकत करेंगे। भाजपा की इस रणनीति को जमीनी पकड़ मजबूत करने और कार्यकर्ताओं को पूरी तरह सक्रिय रखने की दिशा में एक अहम कदम माना जा रहा है।
🎯 प्रधानमंत्री मोदी की बैठक के तुरंत बाद संगठन का फील्ड एक्शन
7 अक्टूबर के ये सभी महत्वपूर्ण कार्यक्रम प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की, मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी सहित हरियाणा के सभी 48 भाजपा विधायकों के साथ हुई उच्चस्तरीय बैठक के ठीक चार दिन बाद आयोजित हो रहे हैं।
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जनता से निरंतर संवाद: पीएम मोदी की बैठक में विधायकों को जनता के साथ लगातार संपर्क बनाए रखने और सामान्य विकास कार्यों के अलावा ऐसे स्थायी सामाजिक कार्य करने का संदेश दिया गया था, जिससे उनकी एक अलग और सकारात्मक पहचान बने।
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निचले स्तर तक संदेश: अब इसके तुरंत बाद भाजपा के केंद्रीय नेतृत्व का अलग-अलग क्षेत्रों में पहुंचना पार्टी के संदेश को बूथ और मंडल स्तर तक मजबूती से पहुंचाने की सोची-समझी कवायद है।
🌟 कुरुक्षेत्र, जींद और करनाल में नेताओं के दौरे की रूपरेखा
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कुरुक्षेत्र में अमित शाह: शाह की मौजूदगी इस दिन का सबसे बड़ा आकर्षण होगी। ‘सेवा ज्योति यात्रा’ के जरिए वह कार्यकर्ताओं से सीधा संवाद करेंगे और आगामी संगठनात्मक गतिविधियों व जन-कल्याणकारी कार्यों की रूपरेखा तय करेंगे।
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स्मृति ईरानी का जींद दौरा: प्रदेश प्रभारी की जिम्मेदारी संभालने के बाद स्मृति ईरानी का यह पहला हरियाणा दौरा है। जींद में उनका यह कार्यक्रम प्रदेश संगठन के पदाधिकारियों से संवाद कर जमीनी फीडबैक लेने का एक बड़ा अवसर बनेगा।
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करनाल में भोला सिंह: प्रदेश सह प्रभारी भोला सिंह करनाल में ‘सेवा ज्योति’ अभियान का मोर्चा संभालेंगे, जिससे उत्तर और मध्य हरियाणा में पार्टी की सक्रियता एक साथ दिखाई देगी।
🚀 मिशन-2029 की दीर्घकालिक तैयारियों की शुरुआत
भले ही विधानसभा चुनाव 2029 में अभी समय हो, लेकिन भाजपा ने संगठनात्मक स्तर पर अपनी तैयारियों को अभी से धार देना शुरू कर दिया है। प्रधानमंत्री की सीख के बाद केंद्रीय नेताओं का यह तीन अलग-अलग क्षेत्रों में पहुंचना संगठन और सरकार के बीच बेहतर तालमेल बिठाने तथा बूथ स्तर तक पार्टी का आधार और अधिक मजबूत करने का स्पष्ट संकेत देता है।
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