लुधियाना : दूषित पेयजल की समस्या या वाटर सप्लाई के सैंपल फेल होने को लेकर पानी-सीवरेज की खस्ताहाल लाइनों के नाम पर की जा रही बहानेबाजी नगर निगम पर ही भारी पड़ गई है, जिसके तहत सरकार द्वारा सीवरेज मेनहोल में से गुजर रही वाटर सप्लाई लाइन की चेकिंग करने के निर्देश दिए गए हैं।
यहां बताना उचित होगा कि पंजाब में कई जगह डायरिया फैलने के पीछे गंदे पानी की सप्लाई की वजह सामने आने के बाद सरकार काफी संजीदा नजर आ रही है जिसके तहत चीफ सेक्रेटरी अनुराग वर्मा द्वारा सी एम भगवंत मान के आदेशों का हवाला देते हुए सभी शहरों के अफसरों से अपने एरिया में साफ पानी की सप्लाई होने का सर्टिफिकेट देने के निर्देश दिए गए हैं।
लुधियाना में डी सी के ऑर्डर पर शुरू की गई सैंपलिंग के दौरान नगर निगम की वाटर सप्लाई कई जगह फेल हो गई और शहर के ज्यादातर हिस्सों में दूषित पेयजल की समस्या आ रही है। इसकी वजह भले ही 850 टयूबवेलों के जरिए वाटर सप्लाई में क्लोरीनेशन न होने के रूप में सामने आई है लेकिन नगर निगम की ओ एंड एम सेल के अफसरों द्वारा पानी-सीवरेज की खस्ताहाल लाइनों में से लीकेज होने की वजह से दूषित पेयजल की समस्या आने का बहाना बनाया है जिसके मद्देनजर सरकार द्वारा वाटर सप्लाई सैंपलों की रेगुलर रिपोर्ट भेजने के साथ ही सीवरेज मेनहोल में से गुजर रही वाटर सप्लाई लाइन की चेकिंग करने के निर्देश दिए गए हैं जिसे लागू करने के लिए नगर निगम द्वारा एरिया वाइज जे ई, एस डी ओ, की टीमें बनाई गई हैं, जिसकी पुष्टि एस ई रविंद्र गर्ग ने की है।
इस तरह होगी वर्किंग
इस संबंधी लोकल बाडीज विभाग के डायरेक्टर द्वारा जारी आर्डर के मुताबिक किसी भी वाटर सप्लाई – सीवरेज की लाइन या प्राइवेट कनेक्शन में लीकेज नही होनी चाहिए। इसके अलावा चेक किया जाएगा कि नाली या सीवरेज के मेनहोल में से वाटर सप्लाई की लाइन तो नही गुजर रही, उसे बाहर निकाला जाएगा जिसे लेकर रिपोर्ट गुगल शीट में भरकर सरकार को भेजनी होगी।
What do you feel about this post?
Like
Love
Happy
Haha
Sad