सिंगरौली। मध्य प्रदेश के सिंगरौली जिले में जमीन की धोखाधड़ी के मामले आम हो गए हैं। यह संबंधित विभाग की मिलीभगत के बिना संभव नहीं है. लगभग 03 वर्ष पहले जमीन की फर्जी तरीके से रजिस्ट्री कराने का एक मामला देवसर तहसील के ढोंगा गांव से सामने आया था. पीड़ित रामसुरेश केवट ने जानकारी होते ही मामले की शिकायत भी कुदवार चौकी में की थी. 3 वर्ष कार्यवाही का इंतजार करने के बाद पीड़ित ने फिर से कुंदवार चौकी में आवेदन देकर जांच और दंडात्कम कार्यवाही की मांग की है.
पीड़ित रामसुरेश केवट ने शिकायती आवेदन में बताया है कि उसकी मां तिलरनिया केवट 2012 में ही गुमशुदा हो गई थी. तबसे अब तक घर वापस नहीं आई.लेकिन उसके नाम ग्राम ढोंगा की आराजी 989/1/1 में स्थित 0.5400 हेक्टेयर जमीन की रजिस्ट्री 6 सितंबर 2022 को पीड़ित के सगे भाई दादूलाल केवट के नाम हो गई.पीड़ित रामसुरेश केवट ने बताया कि उसके भाई दादूलाल केवट ने मां की जगह सुकवरिया नाम की वृद्ध महिला को देवसर उप पंजीयक कार्यालय में ले जा कर खड़ा किया,और मां की जगह वृद्ध महिला को विक्रेता बताकर जमीन की रजिस्ट्री अपने नाम करा ली.पीड़ित का आरोप है कि इस फर्जीवाड़े में रजिस्ट्री लेखक झखरावल निवासी आलोक द्विवेदी भी शामिल हैं.
जानकारी के मुताबिक दादूलाल केवट ने रजिस्ट्री कराने के लिए जिस वृद्ध महिला को मां की जगह खड़ा किया था वह विधवा है. महिला का नाम सुकवरिया है और वह वर्तमान में चितरंगी तहसील के नौगई में रहती है.बातचीत के दौरान सुकवरिया ने दादूलाल के द्वारा किए गए फर्जीवाड़े की पूरी कहानी बता दी.सुकवरीया के मुताबिक दादूलाल उसे आधार कार्ड बनवाने के लिए देवसर ले गया था.उसने बताया कि पूर्व में उसके पास पुलिस भी पूंछताछ के लिए आई थी.हालांकि पूछताछ के बाद भी इतना समय बीत गया लेकिन कार्यवाही नहीं हुई तो पीड़ित को फिर शिकायती आवेदन देना पड़ा।
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