उत्तर प्रदेश का बहराइच जिला काफी दिनों से चर्चा के केंद्र में है. यहां पर भले सरकारी अभियान और वन विभाग की टीम और लोगों की मदद से आदमखोर भेड़ियों को पकड़ा जा रहा है लेकिन फिर भी लोगों में दहशत बरकार है. ऐसे में गांव के ग्रामीण खुद की सुरक्षा के लिए रात-रात भर पहरा दे रहे हैं. यहां तक की खुद विधायक ने भी आगे बढ़कर ऑपरेशन भेड़िया की कमान संभाल ली है. वो गन्ने के खेतों में ग्रामीणों के साथ राइफल लेकर कांम्बिग कर रहे हैं.
महसी इलाके के सिसैया चूड़ामणि गांव में रात 1:30 बजे जब फोन पर गांववालों से नरभक्षी भेड़िए को देखे जाने की सूचना विधायक सुरेश्वर सिंह को फोन पर मिली तो उन्होंने मामला अपने हाथ में लिया और खुद आदमखोर भेड़िये की तलाश में ग्रामीणों के साथ गन्ने के खेतों की खाक छानने चल दिए. ग्रामीण रात को बकरी को उठाये जाने की सूचना पर खेतों में पहुंचे. विधायक सिंह ने गांव वालों और वन विभाग की टीम के साथ कई किलोमीटर खेतों में कांम्बिग की लेकिन अंधेरे में नरभक्षी भेड़िया फरार हो गया.
नरभक्षी भेड़िए का आतंक जारी
बहराइच जिले के महसी इलाके में पिछले दो महीने से नरभक्षी भेड़िए का आतंक जारी है. भेड़िए के हमले में आठ मासूमों समेत 10 लोग अपनी जान गंवा चुके हैं जबकि चार दर्जन से अधिक लोग घायल हो चुके हैं. वन विभाग ने अभी तक 5 भेड़ियों को रेस्क्यू किया है जबकि 1 भेड़िया बचा हुआ बताया जा रहा है. रविवार को यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ ने महसी पंहुचकर मृतकों और घायलों के परिजनों से मुलाकात कर उनकी हौसला आफजाई की थी.
ऑपरेशन भेड़िए में विधायक ने भी लिया हिस्सा
अंतिम आदमखोर भेड़िए के पकड़े जाने तक वन विभाग और प्रशासन को लगातार क्षेत्र में सर्च अभियान चलाने के निर्देश दिए थे. उसके बावजूद लगातार आदमखोर भेड़िए के हमले जारी हैं और विधायक भी लगातार अपनी जनता की सुरक्षा के लिए क्षेत्र में डटकर ऑपरेशन भेड़िया को अंजाम देने में लगे हुए हैं. अब देखने वाली बात होगी कि वह आदमखोर भेड़िया कब गिरफ्त में आता है? फिलहाल भेड़िए को पकड़ने के लिए लगातार अभियान जारी है और कोशिश की जा रही है कि गांव में अब किसी पर भी भेड़िया हमला ना कर सके.
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