राजा रघुवंशी हत्याकांड पर CM मोहन यादव का भावुक बयान, ‘शादी करने से डरने लगे हैं लोग

मध्य प्रदेश

इंदौर में हुए बहुचर्चित राजा रघुवंशी हत्याकांड ने पूरे प्रदेश को झकझोर कर रख दिया है. जबलपुर जिले के बेलखेड़ा में आयोजित लाड़ली बहना कार्यक्रम के मंच से मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने एक भावुक और चिंतनशील बयान दिया. उन्होंने कहा कि इस प्रकार की घटनाएं समाज के मूल्यों पर गहरा आघात करती हैं. उन्होंने चिंता जताते हुए कहा, अब तो लोग शादी करने से भी डरने लगे हैं, पता नहीं कौन सी दुनिया के लोग हैं जो एक नहीं, दो नहीं, 10-10 शादियां करते हैं.

इसके साथ ही सीएम मोहन यादव ने कहा कि माताएं-बहनें अपने आप को दांव पर लगा कर अपने बच्चों और परिवार के जीवन को बेहतर से बेहतर बनाने के लिए सारे दुख तकलीफ अपने उपर ले लेती हैं. वह परिवार के एक-एक व्यक्ति के सुख की कामना करती हैं. यह दुनिया में कहीं नहीं है.

शादी करने से भी डरने लगे लोग

मोहन यादव ने कहा कि हमारे यहां तो लोग अब शादी करने से भी डरने लगे हैं. लेकिन दुनिया में ऐसे लोग भी हैं जो एक-दो नहीं, बल्कि 10-10 शादियां करते हैं. हमारे यहां तो विवाह को सात जन्म का साथ माना जाता है. यह हमारे अपने विवाह संस्कार होते हैं. पति के सुहाग की कामना करते हुए सती सावित्री के इस देश में हजारों साल की गौरवशाली संस्कृति है. यहीं से थोड़ी दूर पर सती अनसूया का स्थान भी है.

भारत माता की जय

मुख्यमंत्री ने इस मौके पर भारतीय संस्कृति की विशेषताओं को रेखांकित करते हुए कहा कि भारत दुनिया का एकमात्र देश है जहां भारत माता की जय बोली जाती है. मुख्यमंत्री ने कहा कि दुनिया के 200 से अधिक देशों में कोई ‘अमेरिका माता की जय’ नहीं बोलता, कोई ‘इंग्लैंड माता की जय’ नहीं बोलता, लेकिन भारत में ‘भारत माता की जय’ बोलते हुए जो आत्मिक आनंद मिलता है, वह कहीं नहीं है.

ईश्वर की अनुभूति

उन्होंने कहा कि हमें देवी-देवताओं के दर्शन भले न हों, लेकिन जब हम अपने घर की मां-बहनों को देखते हैं तो लगता है जैसे उनके आशीर्वाद से ही ईश्वर की अनुभूति हो रही है. राजा रघुवंशी हत्याकांड की पृष्ठभूमि में बोलते हुए मुख्यमंत्री ने विवाह और पारिवारिक मूल्यों पर विशेष जोर दिया. उन्होंने कहा कि भारतीय विवाह प्रणाली सिर्फ एक सामाजिक अनुबंध नहीं, बल्कि सात जन्मों का पवित्र बंधन है.

सती सावित्री की परंपरा

हमारे यहां विवाह एक संस्कार है, जहां सती सावित्री की परंपरा है, जहां मां गंगा, मां नर्मदा और सती अनुसूया जैसी महान नारियों का आशीर्वाद हमारी संस्कृति की नींव है. उन्होंने कहा कि इस देश की माताएं और बहनें अपने परिवार के लिए हर कष्ट सहती हैं, लेकिन परिवार के हर सदस्य के सुख की कामना करती हैं. ऐसी भावना दुनिया में और कहीं देखने को नहीं मिलती.

समाज को आत्मचिंतन की सलाह

राजा रघुवंशी की हत्या के संदर्भ में मुख्यमंत्री ने समाज को आत्मचिंतन की सलाह दी और कहा कि ऐसे अपराध हमारे सामाजिक ढांचे को तोड़ने का प्रयास करते हैं. लेकिन हमें अपनी संस्कृति, अपने पारिवारिक मूल्यों और अपनी नारी शक्ति के प्रति सम्मान को और मजबूत करना है. मुख्यमंत्री का यह संबोधन न केवल एक राजनीतिक वक्तव्य था, बल्कि यह सामाजिक चेतना और भारतीय सांस्कृतिक मूल्यों की पुनः स्मृति का आह्वान भी था.

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