भोपाल : मध्यप्रदेश कांग्रेस ने आज आरोप लगाया कि केंद्र और राज्य की सरकार राज्य के समावेशीय विकास के साथ कुठाराघात कर रही है, सिर्फ सुर्खियां बटोरने के लिए करोड़ों के बजट की घोषणा की जाती है, मगर बजट की बहुत बड़ी राशि खर्च ही नहीं की जाती है। कांग्रेस प्रवक्ता अभय दुबे एवं प्रदेश कांग्रेस मीडिया विभाग के अध्यक्ष मुकेश नायक ने संवाददाताओं से चर्चा के दौरान ये आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि न तो केंद्र सरकार पर्याप्त निधियां भेजती हैं न ही राज्य की सरकार अपने हिस्से की राशि खर्च करती है। केंद्र और राज्य की भारतीय जनता पार्टी सरकार प्रदेश के समावेशीय और अधोसंरचना विकास के साथ लगातार कुठाराघात कर रही हैं।
सुर्खियां बटोरने के लिए लाखों करोड़ के बजट की घोषणा की जाती है, मगर बहुत बड़ी राशि खर्च ही नहीं की जाती है। उन्होंने प्रदेश सरकार का कल बजट आने के एक दिन पहले संवाददाताओं से चर्चा में दावा किया कि ऑडिटर जनरल ने अपनी 2024 की रिपोर्ट में लिख दिया था कि प्रदेश की सरकार अवास्तविक प्रस्तावों के आधार पर बजट का आवंटन करती है। खर्च का ‘मॉनिटरिंग मेकेनिज़्म’ ठीक नहीं है। योजनाओं को लागू करने की क्षमताएं कमजोर हैं और विकास की जरूरतों के अनुरूप नहीं है। कांग्रेस नेताओं ने आंकड़ों के हवाले से दावा किया कि 2024-25 के बजट की मात्र 61.60 प्रतिशत राशि खर्च की गई। केंद्र प्रायोजित योजना के संदर्भ में उन्होंने कहा कि केंद्र ने 50.82 प्रतिशत राशि ही भेजी। उन्होंने मांग की कि बीते तीन साल के बजट के प्रावधान और उसके खर्च पर भाजपा सरकार एक श्वेत पत्र लाए।
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