मालेगांव विस्फोट मामले में बरी की गईं भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) की पूर्व सांसद प्रज्ञा सिंह ठाकुर ने शनिवार को आरोप लगाया कि जांच अधिकारियों ने उन्हें प्रताड़ित किया था और उनसे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी समेत कई लोगों के नाम लेने को कहा था. ऐसा पहली बार है जब प्रज्ञा ठाकुर ने यह सनसनीखेज दावा किया है, जिसका एनआईए की विशेष अदालत के 1036 पृष्ठों के फैसले में कोई उल्लेख नहीं है. विशेष अदालत ने मामले के सभी सात आरोपियों को बरी कर दिया था.
साध्वी प्रज्ञा ठाकुर शनिवार को कुछ औपचारिकताएं पूरी करने के लिए सत्र अदालत में पेश हुईं. अदालत के बाहर पत्रकारों से बात करते हुए, उन्होंने दावा किया कि पूछताछ के दौरान उन्हें प्रताड़ित किया गया था. हालांकि विशेष न्यायाधीश एके लाहोटी ने अपने फैसले में प्रज्ञा ठाकुर के यातना और दुर्व्यवहार के दावों को खारिज कर दिया है.
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