मानसून का दिख रहा असर… दिल्ली समेत 10 राज्यों में बारिश का अलर्ट, जानें अपने इलाके का हाल

दिल्ली

मानसून देश के सभी इलाकों में पहुंच गया है. मानसून के प्रभाव से कई राज्यों में मूसलाधार बारिश देखने को मिल रही है. देश की राजधानी दिल्ली में भी मानसून की एंट्री हो चुकी है, लेकिन इसकी रफ्तार धीमी है. इस कारण पिछले कुछ दिन से राजधानी में छिटपुट बारिश ही हो रही है. इससे तापमान में मामूली गिरावट हुई है, लेकिन आर्द्रता बढ़ गई है.

इस वजह से राजधानी में लोग उमस महसूस कर रहे हैं. मौसम विभाग के अनुसार, दिल्ली में आने वाले दिनों में भारी बरसात की संभावना नहीं है. वहीं दिल्ली में आज आंशिक रूप से बादल छाए छाए रह सकते हैं. इस दौरान गरज-चमक के साथ आंधी चल सकती है. हल्की बारिश होने के भी आसार हैं. आज दिल्ली का अधिकतम तापमान 37 डिग्री और न्यूनतम तापमान 27 डिग्री सेल्सियस रहने का अनुमान है.

पूर्वी और मध्य भारत में भारी बारिश

मौसम विभाग ने पूर्वी और मध्य भारत के लिए पूर्वानुमान जारी किया है. मौसम विभग के अनुसार, 8 जुलाई तक विदर्भ, छत्तीसगढ़, ओडिशा और मध्य प्रदेश में अलग-अलग स्थानों पर भारी बारिश हो सकती है. छह जुलाई तक सिक्किम, पश्चिम बंगाल, झारखंड और बिहार में भारी बारिश की संभावना जताई गई है. वहीं इस हफ्ते के अंत तक पूर्वी भारत के मेघालय, दक्षिण-पूर्व असम, नागालैंड, मणिपुर और मिजोरम में भयावह बारिश हो सकती है.

उत्तर पश्चिम भारत में कैसा रहेगा मौसम

उत्तर पश्चिम भारत के मौसम की बत करें तो मौसम विभाग का कहना है कि 8 जुलाई तक राजस्थान, हरियाणा, चंडीगढ़ हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड के अलग-अलग इलााकों में भारी बरसात देखने को मिल सकती है. उत्तर प्रदेश, पंजाब और जम्मू-कश्मीर में भी बहुत भारी बारिश की संभावना मौसम विभाग ने जताई है.

हिमाचल प्रदेश में इस बार मानसून से भीषण तबाही देखने को मिली है. राज्य में मानसून ने 20 जून को दस्तक दी थी. फिर इसका विकराल रूप देखने को मिला. मानसून से हुई तबाही में देश को करीब 283 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ है. जलशक्ति विभाग को 163 करोड़ और लोक निर्माण विभाग को 117 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ है.

मौसम विभाग के मुताबिक, उत्तराखंड में गुरुवार को अधिकांश जिलों में दिन में एक या दो दौर की बारिश हो सकती है. देहरादून, टिहरी, बागेश्वर और चंपावत में येलो अलर्ट दिया गया है. उत्तराखंड के कई इलाकों में नदियों का जलस्तर खतरनाक स्तर तक पहुंच गया है. गंगा, यमुना, अलकनंदा और सौंग जैसी नदियां उफान पर हैं, जिसके कारण उत्तरकाशी, चमोली, हरिद्वार और टिहरी में बाढ़ जैसे हालात बन गए हैं. देहरादून के मालदेवता क्षेत्र में सौंग नदी के उफान ने आसपास के गांवों को डूबो दिया है.

पश्चिम भारत में मौसम का हाल

पश्चिम भारत का मौसम देखा जाए तो महाराष्ट्र के घाट क्षेत्रों में अलग-अलग इलाकों में बहुत ज्यादा भारी बारिश देखने को मिल सकती है. अगले एक हफ्ते के दौरान मध्य महाराष्ट्र के घाट क्षेत्रों, गुजरात कोंकण और गोवा के अलग-अलग हिस्सों में भारी से बहुत भारी बरसात देखने को मिल सकती है.

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