बिरला को नहीं दिया सम्मान, न ही किया कॉल बैक… कौन है वो DM जिसने लोकसभा स्पीकर के साथ किया ऐसा?

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लोकसभा के स्पीकर ओम बिरला पिछले महीने उत्तराखंड के मसूरी के दौरे पर गए थे. 12 जून को उनकी ये यात्रा हुई थी. उनका ये दौरा अब चर्चा में आ गया है. इसकी वजह बने हैं देहरादून के जिलाधिकारी. डीएम साविन बंसल ने ओम बिरला की यात्रा के दौरान प्रोटोकॉल का पालन नहीं किया था. लोकसभा सचिवालय और कार्मिक, लोक शिकायत एवं पेंशन मंत्रालय के अपर सचिव ने उनकी शिकायत उत्तराखंड सरकार से की थी. जिसके बाद प्रोटोकॉल डिपार्टमेंट के सचिव विनोद कुमार ने जिलाधिकारी को लेटर लिखकर जवाब मांगा है.

जिलाधिकारी साविन बंसल के बारे में विस्तार से बात करें उससे पहले जान लेते हैं कि उन्होंने स्पीकर के दौरे के दौरान क्या किया था. दरअसल, 12 जून को लोकसभा स्पीकर ओम बिरला मसूरी के दौरे पर गए थे. इस दौरान डीएम साविल बंसल ने प्रोटोकॉल का पालन नहीं किया.

अधिकारियों के अनुसार, लोकसभा सचिवालय और कार्मिक, लोक शिकायत एवं पेंशन मंत्रालय के अपर सचिव की ओर से शासन को दो चिट्ठी लिखी गई. जिसके बाद प्रोटोकॉल विभाग के सचिव विनोद कुमार सुमन ने डीएम साविन बंसल को पत्र लिखकर बताया, 12 जून को बिरला के दौरे के दौरान अध्यक्ष कार्यालय की ओर से डीएम से फोन पर संपर्क कर आवश्यक जानकारी लेने का प्रयास किया गया, लेकिन समुचित जवाब नहीं मिला.

लेटर में और क्या लिखा गया?

चिट्ठी में यह भी कहा गया है कि डीएम सहयोग नहीं कर रहे थे. सुमन द्वारा लिखे गए पत्र में दो पत्रों का हवाला देते हुए लिखा गया है. यह भी जिक्र किया गया है कि माननीय अध्यक्ष को उनके पद के अनुरूप उचित सम्मान और शिष्टाचार नहीं मिला. पूरे मामले में स्थापित प्रोटोकॉल मानकों का उल्लंघन हुआ.

उन्होंने बंसल से पूरे मामले पर स्पष्ट एवं विस्तृत रिपोर्ट तत्काल राज्य सरकार को उपलब्ध कराने को कहा है. 25 जून को लिखे गए पत्र में लोकसभा सचिवालय के 17 जून और डीओपीटी के 19 जून के पत्रों का हवाला दिया गया है.

विशेषाधिकार समिति के अतिरिक्त सचिव द्वारा लोकसभा सचिवाaलय को लिखे गए पत्र में कहा गया है कि बार-बार फोन करने और सूचना देने के बावजूद डीएम ने फोन नहीं उठाया. बाद में ओम बिरला के कार्यालय ने सीएम कार्यालय से संपर्क किया, जिसके बाद डीएम ने स्पीकर के कार्यालय से संपर्क किया.

चिट्ठी में आगे कहा गया है कि डीएम का रवैया असहयोगी और असभ्य रहा. इसमें कहा गया है कि डीएम देहरादून हवाई अड्डे पर अध्यक्ष के आगमन पर उन्हें लेने और विदा करने के लिए मौजूद नहीं थे. बाद में इस पत्र को कार्मिक और प्रशिक्षण विभाग ने संज्ञान में लिया और सरकार से इसपर गौर करने को कहा.

साविन बंसल के बारे में जानिए

देहरादून के जिलाधिकारी साविन बंसल 2009 बैच के अधिकारी हैं. वह मूल रूप से हरियाणा के रहने वाले हैं. उन्होंने 2008 में यूपीएससी परीक्षा पास की थी. आईएएस की ट्रेनिंग के बाद उन्हें उत्तराखंड कैडर अलॉट किया गया. जिसके बाद से वह उत्तराखंड में ही अलग-अलग पदों पर कार्य कर चुके हैं.

देहरादून के डीएम साविन बंसल

साविन बंसल उत्तराखंड के अल्मोड़ा और नैनीताल के डीएम भी रह चुके हैं. साविन बंसल ने बीटेक किया है. उन्होंने नेशनल इंस्टीटयूट ऑफ टेक्नोलॉजी कुरुक्षेत (NIT)से यह डिग्री हासिल की है. उन्होंने यूनिवर्सिटी ऑफ लंदन से रिस्क डिजास्टर में पोस्ट ग्रेजुएशन भी किया है.

दूसरे प्रयास में पाई कामयाबी

देहरादून के डीएम साविन बंसल ने एक इंटरव्यू में बताया था कि जब उन्होंने दूसरी बार यूपीएससी की परीक्षा (UPSC Exam) दी, तो उनका सेलेक्शन आईएएस (IAS) के लिए हुआ. बंसल ने इसी इंटरव्यू में बताया था कि उनके हर निर्णय में चाहे वह स्नातक की पढ़ाई हो या सिविल सेवा की तैयारी, उनके परिवार ने हमेशा उनका साथ दिया.

आईएएस साविन बंसल को वर्ष 2021 में यूनाइटेड किंगडम कॉमनवेल्ड स्कॉलरशिप के लिए भी चुना गया था. वह भारत से इकलौते ऐसे आईएएस अफसर थे, जिन्हें यूके की इस स्कॉलरशिप के लिए चुना गया था. बता दें कि यूके की ओर से कॉमनवेल्थ स्कॉलरशिप दी जाती है, जो ब्रिटेन की अलग अलग यूनिवर्सिटी से पोस्ट ग्रेजुएशन के लिए दी जाती है. इस स्कॉलरशिप के लिए अलग-अलग देशों से आवेदन आते हैं जिसमें भारत से सिर्फ साविन बंसल का ही चयन हुआ था.

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