लुधियाना : नगर निगम दफ्तरों की खस्ता हालत का मामला मानवाधिकार आयोग में पहुंच गया है। यहां बताना उचित होगा कि नगर निगम के माता रानी चौक स्थित जोन ए व गिल रोड स्थित जोन सी के ऑफिस की हालत काफी खस्ता है। इसका सबूत पिछले दिनों भारी बारिश के मौसम में देखने को मिला, जहां छतों से पानी टपकने लगा और मुलाजिमों का ऑफिस में बैठना मुश्किल हो गया। यहां तक कि रिकार्ड और कम्पयुटर खराब होने की शिकायत सामने आई। इसके मद्देनजर जहां सीनियर डिप्टी मेयर राकेश पराशर द्वारा एडिशनल कमिश्नर व जोनल कमिश्नर के साथ साइट विजिट करने के साथ ही नगर निगम दफ्तरों की खस्ता हालत में सुधार लाने का काम जल्द से जल्द शुरू करने के निर्देश दिए गए हैं।
वहीं यह मामला मानवाधिकार आयोग में पहुंच गया है। जहां की गई शिकायत में नगर निगम दफ्तरों की खस्ता हालत की वजह से मुलाजिमों के साथ साथ वहां आने वाली पब्लिक को जान-माल का नुकसान होने की आशंका प्रकट की गई है। इसके आधार पर मानवाधिकार आयोग द्वारा कमिश्नर को 31 अक्टूबर को होने वाली सुनवाई के दौरान रिपोर्ट पेश करने के निर्देश दिए गए हैं।
रेनोवेशन का एस्टीमेट बनाने वाले बी एंड आर ब्रांच के अफसरों की खुली पोल
नगर निगम दफ्तरों की खस्ता हालत के चलते बी एंड आर ब्रांच के उन अफसरों की पोल खुल गई है, जिन्होंने कुछ समय पहले जोन ए व जोन सी आफिस की रेनोवेशन का एस्टीमेट बनाया था। इसके चलते ठेकेदारों को पेंट, पत्थर, शीशे, दरवाजे, पी.वी.सी पैनल, लाइटिंग लगाने के बदले लाखों की पेमेंट रिलीज कर दी गई। लेकिन छत्तों की हालत में सुधार लगाने की दिशा में किसी ने ध्यान नही दिया।
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