नीमच। मध्यप्रदेश सरकार ने पंचायती राज व्यवस्था में महिलाओं को चुनाव में 50 फीसदी आरक्षण दिया है। नीमच जिले में 230 पंचायतों में 50 फीसदी पंचायतों में महिलाएं सरपंच है। जिले की ग्राम पंचायत जन्नौद की महिला सरपंच दिलखुश अहीर ने ग्राम पंचायत की सैकडों महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाया है। ग्राम पंचायत में कोई महिलाएं सिलाई मशीन का काम कर रही हैं तो कोई महिलाएं ब्यूटी पार्लर का संचालन कर घर खर्च निकाल रही है। वर्ष 2022 में सरपंच बनते ही दिलखुश अहीरवार ने महिलाओं को खुद के पैर पर खड़े होने की ट्रेनिंग शुरू की। ब्यूटी पार्लर, मेहंदी, सिलाई मशीन इत्यादि 15 -15 दिवस के प्रशिक्षण दिए। तीन साल के दौरान 200 से अधिक महिलाओं को आत्मनिर्भर बना चुकी है। महिलाओं ने घर – घर में रोजगार स्थापित कर लिए है।
इससे उनके घर खर्च में मदद मिल रही है, वहीं समाज में सम्मान की दृष्टि से भी देखा जाता है। 8 महिला सरपंचों का दिल्ली में सम्मान के लिए चयन हुआ था। जिसमें जन्नोद ग्राम पंचायत की सरपंच दिलखुश अहीर शामिल थीं। पंचायती राज मंत्रालय, भारत सरकार ने राष्ट्रीय महिला दिवस से पहले विज्ञान भवन, नई दिल्ली में 4 मार्च को सरंच दिलखुश अहीर का सम्मान किया गया।
मनासा विधायक अनिरूद्ध माधव मारू ने बताया कि नीमच जिले के लिए गौरव की बात है। मध्यप्रदेश की हजारों ग्राम पंचायतों में से नीमच जिले की महिला सरपंच का चयन हुआ है। दिलखुश अहिरवार जी ने अपने कार्यकाल में महिलाओं को रोजगार से जोड़ने के लिए समय-समय पर विभिन्न शिविरों का आयोजन कर उन्हें स्वरोजगार के अवसर प्रदान किए हैं। उनका यह योगदान समाज में एक सकारात्मक परिवर्तन लाने वाला है।
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