महाराष्ट्र के विपक्षी दलों की तरफ से 1 नवंबर 2025 को मुंबई में एक बड़ा संयुक्त विरोध का सत्य मार्च बुलाया है. इस मार्च को इसलिए बुलाया गया है ताकि चुनाव आयोग की ‘ढीली और गड़बड़’ प्रक्रिया को सबके सामने लाया जा सके. खासकर वोटर लिस्ट में करीब 1 करोड़ फर्जी या डुप्लिकेट नामों को हटाने की मांग को लेकर किया जा रहा है. उनका कहना है कि ये फर्जी वोटर लोकल बॉडी इलेक्शन (नगर निगम आदि) को प्रभावित कर सकते हैं, इसलिए चुनाव होने से पहले लिस्ट साफ होनी चाहिए.इस मार्च में शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे गुट), मनसे, राकांपा (शरद पवार गुट), कांग्रेस और कई अन्य दल शामिल होंगे. विपक्ष का यह मार्च आज दोपहर 1 बजे शुरू होगा.
पुलिस ने कानून-व्यवस्था की चिंताओं की वजह से इस विरोध प्रदर्शन के लिए अनुमति देने से इनकार किया है. फिर भी कांग्रेस, शिवसेना (यूबीटी), राकांपा (शरद पवार) और मनसे के नेताओं और कार्यकर्ताओं की तरफ से ये साफ किया गया है कि इसके लिए प्रदर्शन करेंगे.
कहां से कहां तक निकाला जाएगा मार्च?
ये मार्च मेट्रो सिनेमा से शुरू होकर महापालिका मार्ग होते हुए आजाद मैदान तक जाएगा. पुलिस ने व्यवस्था बनाए रखने के लिए 350 जवान, 70 अधिकारी और राज्य रिजर्व पुलिस बल (एसआरपीएफ) की चार प्लाटून तैनात की हैं. एसआरपीएफ की हर प्लाटून में लगभग 20 जवान होते हैं, जिससे मैदान पर कुल एसआरपीएफ अधिकारियों की संख्या लगभग 80 हो जाती है.
#WATCH | नागपुर: कांग्रेस नेता विजय वडेट्टीवार ने मुंबई में महाविकास अघाड़ी के विरोध प्रदर्शन पर कहा, “इसमें राज ठाकरे की पार्टी समेत हमारी सभी विपक्षी पार्टियां शामिल हैं। उन्होंने(NDA) वोट चुराकर सत्ता हथियाई। यह चोरी पकड़ी गई है, फिर भी चुनाव आयोग सुनने को तैयार नहीं है… pic.twitter.com/BeJU4jx4Gv
— ANI_HindiNews (@AHindinews) November 1, 2025
पुलिस ने क्या कहा?
मुंबई पुलिस ने महाविकास अघाड़ी द्वारा आज आयोजित होने वाली रैली को अनुमति देने से मना कर दिया है,यह रैली मतदाता सूची में संभावित गड़बड़ियों के खिलाफ थी, जिसमें उद्धव ठाकरे, शरद पवार और राज ठाकरे शामिल होने वाले थे. मुंबई पुलिस के वरिष्ठ अधिकारि ने स्पष्ट किया है कि रैली के लिए अनुमति नहीं दी गई है. यदि यह मार्च बिना अनुमति के आयोजित किया जाता है,तो इसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी. पुलिस ने सुरक्षा और यातायात व्यवस्था को ध्यान में रखते हुए यह फैसला लिया है.
भीड़ के लिए विशेष टीमों को किया गया तैनात
यातायात विभाग ने विरोध प्रदर्शन के रास्तों पर भीड़भाड़ को कंट्रोल करने के लिए कई विशेष टीमों को भी तैनात किया है. विपक्ष ने विरोध प्रदर्शन को ‘लोकतांत्रिक अधिकार’ बताया है. अनुमति न मिलने के बावजूद, विपक्षी दलों ने विरोध प्रदर्शन करने के अपने ‘लोकतांत्रिक अधिकार’ का इस्तेमाल करने की कसम खाई है. पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच स्थिति पर कड़ी नज़र रखी जा रही है. मुंबई यातायात पुलिस ने नागरिकों को असुविधा से बचने के लिए दक्षिण मुंबई के मार्गों से बचने और वैकल्पिक सड़कों का इस्तेमाल करने की सलाह दी है.
What do you feel about this post?
Like
Love
Happy
Haha
Sad
