उत्तर प्रदेश के बिजनौर में जूना अखाड़े के साधुओं ने मंगलवार की सुबह कलक्ट्रेट में जमकर हंगामा किया. डीएम के ऑफिस के बाहर साधुओं ने तलवारें भांजी और उन्हें चोर तक कहा. साधुओं का आरोप है कि कण्व त्रषि के आश्रम में हमेशा साधुओं का प्रवास होता है. लेकिन डीएम बिजनौर की टीम ने इस आश्रम को जबरन खाली कराना चाहती है. यही नहीं, अचानक से दबिश देकर आश्रम में से सौ कुंटल गेंहू, 70 से 80 गोधन आदि ट्रकों में भरवाकर गायब करा दिया है. इसके विरोध में दर्जनों की संख्या में साधु संत जिला कलेक्टर का घेराव करने पहुंचे.
नौबत यहां तक आ गई कि कलेक्टर अंकित कुमार को अपने दफ्तर से बैक डोर से निकल कर निजी गाड़ी में बाहर जाना पड़ा. उधर, उनकी गाड़ी के पास साधु संत विरोध प्रदर्शन करते हुए ढोल मजीरा बजाते रहे. इस दौरान कुछ साधुओं साध्वियों ने तलवारें भी भांजी. एक साध्वी ने तलवार लेकर डीएम को ललकारा. उन्हें खरी खोटी सुनाते हुए कण्व आश्रम से 70-80 गाय और सौ कुंटल गेंहू चोरी करने का आरोप लगाया. अपने कार्यालय में साधु संतों के इस रौद्र रुप देखकर डीएम अंकित कुमार ने पीछे के रास्ते से निकल जाने में ही भलाई समझी.
आश्रम से अनाज और गायों को उठा ले जाने का आरोप
साध्वी गंगा का आरोप है कि डीएम और एसडीएम ने स्वाहेडी के ग्राम प्रधान के साथ साठगांठ कर इस आश्रम को खाली कराने की साजिश रची है. उन्होंने आश्रम के मंदिर से अष्टधातु की मूर्ति गायब करा दी और मंदिर को बंद कराने के बाद गाय और अनाज-भूषा आदि भी उठा ले गए. इसके बाद आश्रम में ताले डलवा दिए गए हैं. इसकी वजह से यहां पूजा अर्चना बंद हो गयी है. इसके विरोध में पचास से अधिक साधु सन्यासी बिजनौर कलक्ट्रेट में धरने पर बैठ गए हैं.
एडीएम-एसडीएम को भी सुनाई खरी-खोटी
इस दौरान साधुओं को समझाने के लिए एसडीएम और एडीएम भी पहुंचे और उन्हें मनाने की काफी कोशिश की. हालांकि साधुओं ने उन्हें भी खरी खोटी सुनाकर वापस लौटा दिया. उधर, स्वाहेडी के ग्राम प्रधान सोमदेव का कहना है कि कण्व ऋषि आश्रम में ये साधु चिलम सुल्फा पीते थे. इनकी वजह से गांव के बच्चों पर बुरा असर पड़ रहा था. इस संबंध में उन्होंने प्रशासन को शिकायत दी तो यह कार्रवाई हुई है. अब प्रशासन ने आश्रम को खाली कराकर ताले डलवा दिए हैं.
आर या पार की लड़ाई
उन्होंने बताया कि अब इस स्थान का जीणोद्धार कराया जाएगा. उधर, साध्वी गंगा ने कहा कि इस ऐतिहासिक आश्रम में उसके दादा की भी समाधि है. वह खुद यहां वर्षो से रह कर पूजा तपस्या और गौसेवा कर रही हैं. जबकि प्रधान सोमदेव और उसके कुछ साथी आश्रम की जमीन हड़पना चाहते हैं. गंगा ने कहा कि उनके गुरू ने कह दिया है कि समझाने पर भी ना समझे तो तलवार खींच लेना. अब तो लड़ाई आर या पार की होगी.
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