उत्तर प्रदेश के इटावा जिले में यादव कथावाचक प्रकरण के बाद एक तरफ जहां इस मसले पर जमकर सियासत हो रही है तो वहीं यह विवाद भी जोर पकड़ रहा है कि आखिर कथावाचक गैर ब्राह्मण कर सकता है या नहीं. प्रयागराज जिले का एक गांव ऐसा है, जहां इस विवाद के लिए कोई जगह नहीं है. वजह भी रोचक है. बहरिया क्षेत्र में कथावाचकों से जुड़ा एक बोर्ड सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है. इस बोर्ड पर पूजा-पाठ और संस्कार करने वाले गैर ब्राह्मण आचार्यों के नाम और उनकी जाति, पहचान लिखी गई है.
बोर्ड पर लिखा गया है, “शादी-विवाह, गृह प्रवेश, जन्म-मृत्यु संस्कार करवाने वाले आचार्यों के नाम व मोबाइल नंबर. श्री सुभाष चंद्र यादव, श्री राम बाबू मौर्य, श्री हरीशचंद्र यादव और विजय मौर्य.” इस गांव का नाम है सिधौली, जहां हर दूसरा घर गैर ब्राह्मण कथावाचक से भरा पड़ा है. कथावाचक अपने नाम के आगे यादवाचार्य लिखते हैं.
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