राजस्थान के झालावाड़ में स्कूल की छत गिरने की घटना पर पूर्व मंत्री प्रमोद जैन भाया ने कहा, “ये घटना बहुत ही दुखद है. गांव वालों से जो चर्चा हुई उसमें उन्होंने बताया कि स्कूल में जो जर्जर बिल्डिंग है उसकी हमने कई बार शिकायत की. बीच में इन लोगों ने जाम भी लगाया. इनमें से कुछ के खिलाफ मुकदमें भी हुए. घटना के दिन भी बच्चों ने शिक्षकोंको बताया कि पंखे गिर रहे हैं. इसके बाद उनको डांट के बैठा दिया गया. हालात काफी दयनीय हैं. ये एक आदिवासी गांव हैं. अगर प्लेन में कोई मौत होती है तो उसमें एक करोड़ का मुआवजा देते हैं, और एक आदिवासी गांव में बच्चे की मौत होती है तो उसमें 10 लाख का मुआवजा.”
उन्होंने आगे कहा, “इस पक्षपात की हम निंदा करते हैं. माननीय मुख्यमंत्री जी से हम आग्रह करते हैं कि ये मुआवजा बढ़ाया जाए. इसे एक करोड़ किया जाए. परिजनों को रोजगार दिया जाए. इस गांव में शमसान में जाने कि लिए रास्ते नहीं हैं. दोबारा कभी प्रदेश में ऐसा न हो इसके लिए पूरे राजस्थान में सभी स्कूलों की बिल्डिगों का सर्वे किया जाए. इसे एक अभियान के रूप में किया जाना चाहिए.”
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