पोस्टर, चप्पल और अनाप-शनाप बोलना… अजित पवार के खिलाफ ऐसा प्रदर्शन कि छगन भुजबल ने समर्थकों को दी नसीहत

महाराष्ट्र

महाराष्ट्र में एनसीपी(अजित पवार) नेता छगन भुजबल को मंत्री नहीं बनाए जाने पर ओबीसी समुदाय में भारी नाराजगी है. समर्थकों की नाराजगी और विरोध को देखते हुए राज्य में ओबीसी समुदाय के बड़े नेता छगन भुजबल ने समर्थकों से कहा कि डिप्टी सीएम अजित पवार के खिलाफ बैनर लगाना बिल्कुल भी सही नहीं है. इसके साथ ही उनकी तस्वीरों पर चप्पल फेंकना और उनके खिलाफ अनाप-शनाप बोलना, ये सभी चीजें आपकी तरफ से नहीं की जानी चाहिए.

अगर आप ऐसा करते हैं, तो इसका मतलब है कि आप हमारे सदस्य नहीं हैं. उन्होंने आगे कहा कि उनके समर्थकों पर अपना दर्द और गुस्सा व्यक्त करने पर कोई रोक नहीं है, लेकिन आपको इसे सभ्य शब्दों और तरीके से करना चाहिए. दरअसल, समुदाय के लोगों ने अपनी नाराजगी को जाहिर करते हुए डिप्टी सीएम अजीत पवार के पोस्टर को लेकर उनके खिलाफ कलेक्टर कार्यालय के सामने विरोध प्रदर्शन किया.

हमारी ये लड़ाई पहचान की लड़ाई है

छगन भुजबल ने कहा कि हम 40 से ज्यादा सालों से काम कर रहे हैं. इसलिए ये सवाल मंत्री पद का नहीं है. हमारी ये लड़ाई पहचान की लड़ाई है. इसलिए सभी को मिलकर काम करना चाहिए. उन्होंने आश्वासन दिया कि वह निर्वाचन क्षेत्र के लोगों को विश्वास में लिए बिना कोई निर्णय नहीं लेंगे.

उन्होंने यह भी कहा कि येवला-लासलगांव विधानसभा क्षेत्र के सभी लोगों ने विशेष प्रयासों की वजर से मुझे पांचवीं बार मौका मिला. इसके लिये सभी को धन्यवाद करता हूं. हम निर्वाचन क्षेत्र के विकास के लिए सभी के साथ काम करना चाहते हैं. छगन भुजबल ने कहा कि अजित पवार ने मंत्री नहीं बनने दिया और अब कह रहे हैं कि स्तीफा देकर राज्यसभा चले जाओ.

हमने मंजरपाड़ा के माध्यम से येवले को ज्यादा से ज्यादा पानी देने का वादा किया है. हमें इसे भविष्य में पूरा करना है.’ हम विधानसभा क्षेत्र के विकास के लिए कृतसंकल्पित हैं और विकास कार्य निरंतर जारी रहेगा. हम येवला-लासलगांव निर्वाचन क्षेत्र को एकजुट रखना चाहते हैं. उन्होंने आश्वासन दिया कि येवला निर्वाचन क्षेत्र में चल रहे विकास कार्यों को जल्द से जल्द पूरा किया जाएगा.

5 बार लगातार जीते चुनाव

महाराष्ट्र की येवला विधानसभा सीट से आजित पवार NCP के दिग्गज नेता छगन भुजबल का 2024 के चुनाव में भी दबदबा रहा. इस सीट पर वो लगातार पांचवी बार चुनाव जीते. इसके बाद भी उन्हें मंत्री नहीं बनाया गया. इसी बात से उनके समर्थक काफी फायर अंदाज में दिखाई दे रहे हैं.

छगन भुजगल ने समर्थकों को उनके रवैये के लिए भले ही फटकार लगाई, लेकिन उन्हें विरोध करने से नहीं रोका. ऐसे में मंत्री नहीं बनाए जाने पर उनकी नाराजगी भी साफ जाहिर हो रही है. जनता के चुने जाने के बाद भी उन्हें सरकार में मंत्री नहीं बनाया जाना पूरे ओबीसी समाज से आक्रोश को बढ़ा रहा है.

What do you feel about this post?

0%
like

Like

0%
love

Love

0%
happy

Happy

0%
haha

Haha

0%
sad

Sad

0%
angry

Angry