पूरे Documents फिर भी काट दिया चालान, हैरानीजनक मामला आया सामने

पंजाब

संगरूर : जिले से एक बेहद ही हैरानीजनक मामला सामने आया है, जहां पूरे दस्तावेज होने के बावजूद एक कार चालान काट दिया गया। जानकारी के मुताबिक, बरनाला-मोगा रोड पर टल्लेवाल टोल प्लाजा के पास टल्लेवाल पुलिस द्वारा एक स्थानीय नागरिक की कार के सभी कानूनी दस्तावेज पूरे होने के बावजूद उनका चालान काटने का मामला सामने आया है। इस घटना ने स्थानीय लोगों में नाराजगी पाई जा रही है।

बरनाला निवासी हनी गोयल पुत्र बलदेव कृष्ण गोयल, जो आदि शक्ति मंदिर प्रबंधक कमेटी के अध्यक्ष भी हैं, ने बताया कि वह मोगा से बरनाला वापस आ रहे था। जैसे ही वह टल्लेवाल टोल प्लाजा के पास पहुंचा, तो वहां टल्लेवाल पुलिस द्वारा लगाए गए नाके पर उन्हें रोका गया। पुलिस ने उनसे कार संबंधी सभी दस्तावेज मांगे, जिनमें ड्राइविंग लाइसेंस, आर.सी., इंश्योरेंस, पॉल्यूशन सर्टिफिकेट आदि सब कुछ पूरा था।

“हम तो चालान काटेंगे ही”

हनी गोयल ने बताया कि जब उन्होंने सभी दस्तावेज दिखा दिए, तो उसके बावजूद पुलिस ने उनसे कहा, “हम तो चालान काटेंगे ही।” उन्होंने हैरानी जताई कि जब दस्तावेज पूरे हैं, तो चालान कैसे? इस पर वहां मौजूद एक महिला पुलिस अधिकारी ने कहा कि “आपके पास फर्स्ट एड किट नहीं है, इसलिए चालान काटा जाएगा।” हनी गोयल के अनुसार, उन्होंने तुरंत अपने वाहन में से फर्स्ट एड किट निकालकर दिखाई, लेकिन पुलिस ने उसे मानने से इनकार कर दिया और उनका चालान काट दिया। उन्होंने कहा कि यह सीधे तौर पर अन्याय है और लोगों को परेशान करने की कोशिश है। उन्होंने कहा कि वह जिला पुलिस प्रमुख से मांग करते हैं कि ऐसे पुलिस कर्मचारियों के खिलाफ तुरंत कार्रवाई की जाए।

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इस मामले पर जब एस.पी.एस. राजेश छिब्बर से संपर्क किया गया तो उन्होंने कहा कि यह मामला मेरे ध्यान में आया है। मैं पूरी जांच करवाता हूं और यदि कोई पुलिस अधिकारी दोषी पाया गया तो उसके विरुद्ध कानूनी कार्रवाई जरूर की जाएगी। इस घटना ने एक बार फिर यह सवाल खड़े कर दिए हैं कि क्या आम नागरिकों को बिना किसी गलती के भी चालानों का सामना करना पड़ता है? और क्या पुलिस की यह मर्जी है कि वह किसी भी वजह से किसी का भी चालान कर सकती है? स्थानीय निवासियों और सामाजिक संगठनों द्वारा भी मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की गई है, ताकि ऐसे बेवजह चालानों से लोगों को छुटकारा मिल सके और भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो। यह मामला पुलिस प्रशासन के लिए एक महत्वपूर्ण चुनौती प्रस्तुत करता है, क्योंकि यह जनता के विश्वास और कानून प्रवर्तन के बीच के संबंधों को प्रभावित करता है। लोगों को उम्मीद है कि पुलिस इस मामले में पारदर्शिता और जवाबदेही दिखाएगी।

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