पांढुर्णा। (पंकज मदान): मध्य प्रदेश के पांढुर्णा जिले के ग्राम चिचखेड़ा में बुधवार को उलटी दस्त के मरीजों की संख्या अचानक से बढने लगी, सभी मरीजों को तुरंत सिविल अस्पताल पांढुर्णा पहुंचाया गया जहां सभी का इलाज जारी है,जानकारी के मुताबिक़ पांढुर्णा तहसील के ग्राम चिचखेड़ा में उस समय अफरा – तफरी मच गईं जब बुधवार दोहपर को घर – घर में उलटी दस्त के मामले सामने आने लगे, इसकी जानकारी मिलते ही स्वास्थ विभाग में हड़कंप मच गया, बीएमओ दीपेंद्र सलामे ख़ुद अपनी टीम के साथ गांव में पहुंचे और मरीजों को पांढुर्णा सिविल अस्पताल रेफर किया, डॉक्टरों की टीम सभी मरीजों का ईलाज कर रही है।बीएमओ दीपेंद्र सलामे से मिली जानकारी के मुताबिक़ गुरूवार दोपहर तक कुल 63 मरीजों को सिविल अस्पताल पांढुर्णा में इलाज के लिए भर्ती किया गया है, सभी मरीजों पर डॉक्टरों की टीम नज़र बनाएं हुए है।
चिचखेडा के ग्रामीणों का कहना है कि सरपंच सचिव की लापरवाही से इतनी बड़ी घटना घटित हुई है, गांव में साफ – सफाई बिलकुल भी नहीं है, 40 साल पुरानी पानी की पाइप लाइन पर गंदा पानी बह रहा है,जो की किसी जगह लीकेज से मैन पाइप लाईन में मिलकर पूरा पानी दूषित कर रहा है। जिससे उल्टी दस्त का प्रकोप पूरे गांव में फैला है,ऐसा आरोप ग्रामीण जनों का है। स्वास्थ्य विभाग की टीम द्वारा अस्थाई कैंप लगाकर पूरे गांव की स्कैनिंग कर रही है, बीएमओ के मुताबिक़ तीन चार दिनों तक गांव पर स्वास्थ विभाग की टीम निगरानी करती रहेगी।
गुरुवार को कलेक्टर अजय देव शर्मा एसडीएम नेहा सोनी तहसीलदार विनय प्रकाश ठाकुर सहित प्रशासनिक अमला चीचखेड़ा ग्राम पहुंचा और ग्राम वासियों का हाल-चाल जाना कलेक्टर द्वारा पीएचई विभाग को पानी की जांच के आदेश दिए गए है। अभी टैंकरों द्वारा गांव में पानी की सप्लाई की जा रही है और मुख्य पाइपलाइन से पानी की सप्लाई बंद कर दी गई है,पांढुर्णा जिला कलेक्टर अजय देव शर्मा स्वयं इस मामले पर निगरानी बनाए हुए है।
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