लुधियाना: राज्य की अनाज मंडियों में धान की फसल की हो रही कछुआ चाल खरीद और अनाज की लिफ्टिंग को लेकर आ रही परेशानियों के खिलाफ पंजाब भर में विभिन्न किसान यूनियनो द्वारा सड़कों पर उतरकर लगातार धरना प्रदर्शन करने की स्थिति में सड़को पर यातायात सिस्टम ठप्प पड़ने से पंजाब के अधिकतर हिस्सों में घरेलू गैस और पेट्रोल-डीजल की भारी किल्लत पैदा होने की संभावनाएं भी लगातार बढ़ती जा रही है।
काबिले गौर है कि किसान जत्थेबंदियों द्वारा अपनी मांगों को लेकर पंजाब घर में सड़क यातायात के साथ ही रेलवे लाइनों पर भी धरने प्रदर्शन लगाए जा रहे हैं जिसके कारण राज्य में यातायात सिस्टम प्रभावित हो रहा है ऐसे में वाहन चालकों सहित आम जनता को एक से दूसरे शहर तक पहुंचने के लिए भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है , जिसका बड़ा असर गैस प्लांट से निकलने वाली घरेलू एवं कमर्शियल गैस सिलेंडर की गाड़ियों सहित तेल रिफाइनरी कंपनियों से निकलने वाली पेट्रोल और डीजल से भारी गाड़ियों को पेट्रोल पंपों और गैस एजेंसियों के गोदाम तक पहुंचने के रूप में भी देखने को मिल रहा है हालांकि इस गंभीर मामले को लेकर गैस एजेंसियों के डीलरो और पेट्रोल पंप मालिकों की अपनी अपनी राय है लेकिन इतना साफ है कि आने वाले दिनों में पेट्रोल डीजल सहित घरेलू गैस सिलेंडर की सप्लाई को लेकर शहर में हालात बिगड़ सकते हैं।
यहां इस बात का जिक्र करना भी अनिवार्य होगा कि विभिन्न किसान यूनियनों द्वारा अपनी मांगों को लेकर विरोध जताते हुए पिछले कई दिनों से टोल प्लाजो से लेकर राज्य के मुख्य मार्गो पर धरने प्रदर्शन करते हुए रोड जाम किए जा रहे हैं। जिसके कारण पेट्रोल पंपों पर तेल और गैस एजेंसियों के गोदामो पर आने वाली गैस सिलेंडरों से भरी गाड़ियां पहले के मुकाबले देरी से पहुंच रही है मामले को लेकर गैस एजेंसी डीलर एसोसिएशन का कहना है कि फिर अपनी गाड़ियों को सुधारने प्रदर्शन होने की स्थिति में सुरक्षित जगह पर रोक कर धरना प्रदर्शन खत्म होने का इंतजार करते हैं या फिर अन्य रास्तों का लंबा सफर तय कर गोदामो तक सप्लाई पहुंचा रहे हैं।
फिलहाल स्थिति काबू में हैं: प्रधान
लुधियाना एल.पी.जी, इंडेन गैस फेडरेशन के प्रधान मंजीत सिंह का कहना है कि वह खुद ट्रांसपोर्टर होने के कारण अपनी गाड़ियों को अंधेरे सवेरे गैस प्लांट पर भेज कर माल मंगवा रहे हैं इसलिए फिलहाल उन्हें गैस सिलेंडरों की कोई किल्लत महसूस नहीं हो रही है और स्थिति पूरी तरह से काबू में है > मनजीत सिंह ने कहा अगर किसान आंदोलन लंबा चलता है तो फिर डीलर भाईचारे को गैस प्लांट से माल लाने और उपभोक्ताओं के घरों तक रसोई गैस पहुंचने में दिक्कत जरूर पेश आ सकती हैं लेकिन ऐसी सभी समस्याओं पर काबू पाने के लिए डीलर भाईचारा पूरी तरह से वचनबद्ध है।
आगे चलकर बिगाड़ सकते हैं हालात: चेयरमैन
वहीं लुधियाना पेट्रोलियम डीलर एसोसिएशन के चेयरमैन अशोक सचदेवा ने दावा किया है कि तेल कंपनियों के प्लांट से पेट्रोल पंपों तक डीजल और पेट्रोल की गाड़ियां पहुंचने में अभी से दिक्कत महसूस हो रही है और अगर किसान आंदोलन लंबे समय तक चलता है तो आगे चलकर हालात और भी बिगाड़ सकते हैं लेकिन फिलहाल पेट्रोलियम कारोबारी आम जनता की परेशानियों को देखते हुए अपने स्तर पर मसले का हल निकल रहे हैं। उन्होंने कहा 26 अक्टूबर को किसानों द्वारा किए गए बड़े आंदोलन के ऐलान दौरान सड़क के बंद होने पर व्यापारिक उद्योगों से जुड़े उद्योगपतियों, व्यापारियों, कारोबारियो सहित आम जनता की दीपावली फीकी पड़ सकती है क्योंकि पेट्रोल डीजल और एलपीजी गैस प्रत्येक व्यापार और रसोई घर की बेसिक जरूरत बन चुका है ऐसे में सप्लाई नहीं मिलने पर लोगों की परेशानियां बढ़नी तय है उन्होंने केंद्र सरकार से अपील की है कि वह किसने की सभी जायज मांगों को अमली जामा पहनाने के लिए आगे आए ताकि किसान सड़कों पर धरना प्रदर्शन करने की जगह अपने परिवारों के साथ दीपावली खुशी से मनाई और आम जनता को भी होने वाली परेशानियों से निजात मिल सके।
