अमेरिकी वायुसेना का C-17 ग्लोबमास्टर गत दिवस 104 अवैध भारतीय प्रवासियों को लेकर अमृतसर एयरपोर्ट पर उतरा गया। दरअसल, डोनाल्ड ट्रंप के राष्ट्रपति बनने के बाद इन सभी को अमेरिका से डिपोर्ट किया गया है। इसी बीच नाभा पहुंचे पंजाब के जल संसाधन मंत्री बरिंदर गोयल ने डिपोर्ट किए गए 104 भारतीयों के पक्ष में बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि प्राथमिक जिम्मेदारी केंद्र सरकार की बनती है, वैसे तो मोदी साहिब गले मिल रहे हैं और ट्रंप को दोस्त बताते हैं, दोस्त से बात तो की जा सकती थी।
डिपोर्ट हुए भारतीयों वाला विमान को पंजाब (अमृतसर) में ही क्यों उतरा? ये लोग यह साबित करना चाहते हैं कि सिर्फ पंजाब के लोग ही विदेश जाते हैं। इसीलिए उन्होंने यह विमान पंजाब में उतारा है।जल संसाधन मंत्री बरिंदर कुमार गोयल ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी हर मुद्दे पर राजनीतिक रोटियां सेंकते हैं, जिसके चलते इस अवसर को हाथ से जाने नहीं दिया गया। अगर किसी व्यक्ति की आपराधिक पृष्ठभूमि है तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई होनी चाहिए, लेकिन भारतीयों को इस तरह जंजीरों में बांधकर भेजना, अमेरिका का ऐसा रवैया शर्मनाक है। गोयल ने कहा कि पंजाब सरकार हमेशा पंजाबियों के साथ खड़ी रही है और अब भी इन परिवारों के साथ खड़ी है। पंजाब सरकार हर संभव मदद देने से पीछे नहीं हटेगी।
बता दें कि वर्ष 2009 से 2025 तक विभिन्न देशों से 15,756 भारतीयों को 17 विशेष उड़ानों के माध्यम से डिपोर्ट किया गया है। इन सभी गैर-कानूनी प्रवासी भारतियों को अमेरिका व अन्य देशों द्वारा भारत भेज दिया गया था। वहीं आपको बता दें कि डिपोर्ट हुए हर पंजाबी की दर्दभरी कहानी है। जी हां, अमेरिका जाने के लिए किसी ने अपनी जमीन गिरवी रखी, किसी ने लोन लिया तो किसी ने अपने घर के गहने गिरवी रख दिए, लेकिन फिर भी अमेरिका का सपना पूरा नहीं हो सका। इन मामलों को ध्यान में रखते हुए पंजाब सरकार द्वारा ट्रेवेल एजेंटों पर केस दर्ज शुरू हो गए है।
What do you feel about this post?
Like
Love
Happy
Haha
Sad