कपूरथला: पंजाब के लोगों के लिए जरूरी खबर है। दरअसल, स्वाइन फ्लू के लक्षण और इसकी रोकथाम के लिए तुरंत उपचार के उपाय करने चाहिए। ये शब्द सिविल सर्जन कपूरथला डॉ. रिचा भाटिया ने कहे।उन्होंने कहा कि ब्लॉक स्तर पर भी सीनियर मैडीकल अधिकारियों को स्वाइन फ्लू को लेकर एडवाइजरी जारी कर दी गई है। उन्होंने कहा कि स्वाइन फ्लू का असर ठंड में अधिक होता है। ठंड और नमी के मौसम में स्वाइन फ्लू का वायरस, एच-वन एन-वन वायरस सक्रिय हो जाता है और हवा के जरिए एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति में तेजी से फैलता है।
हालांकि लक्षण आम फ्लू के समान होते हैं, लेकिन लोगों को स्व-दवा से बचना चाहिए बुखार आदि होने पर सिविल अस्पताल के विशेषज्ञ डॉक्टरों से संपर्क करना चाहिए। सिविल सर्जन डॉ. रिचा भाटिया ने कहा कि खांसने, छींकने और थूकने से निकलने वाले तरल पदार्थ के कारण स्वाइन फ्लू का वायरस हवा के माध्यम से एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति में सांस के माध्यम से प्रवेश कर जाता है। उन्होंने कहा कि पीड़ित से ढाई से तीन मीटर की दूरी रखनी चाहिए। भीड़-भाड़ वाली जगहों पर जाने से बचें। हाथ नहीं मिलाना चाहिए। सार्वजनिक स्थानों पर नहीं थूकना चाहिए। सिविल सर्जन द्वारा जिले के सभी सरकारी स्वास्थ्य केंद्रों में स्वाइन फ्लू कॉर्नर एवं आइसोलेशन वार्ड स्थापित करने का निर्देश जारी किया गया है।
जिला स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. राजीव पराशर ने बताया कि स्वाइन फ्लू 3 प्रकार का होता है, श्रेणी-ए, बी और सी। बुखार होना, सर्द, गला खराब होना, शरीर में तेज दर्द होना और कमजोरी इसके लक्षण हैं। अधिक गंभीर स्थिति में सांस लेने, शरीर और नाखूनों में नीलापन, सीने में दर्द, लार में से खून आना हो सकता है। जिला महामारी विशेषज्ञ डॉ. नवप्रीत कौर ने बताया कि खांसते या छींकते समय मुंह और नाक के सामने रुमाल रखना चाहिए। हाथों को बार- बार साबुन से धोना चाहिए। स्व-दवा से बचना चाहिए। गौरतलब है कि सरकारी अस्पतालों में इस बीमारी की जांच और इलाज मुफ्त है।
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