सरदूलगढ़ क्षेत्र के गांवों में जंगली जानवर के आने से दहशत का माहौल बना हुआ है। इस घटना से क्षेत्र के गांवों के लोग पूरी तरह भयभीत हैं। लोग अपने खेतों पर जाने से तथा दूर स्थानों पर काम करने से भी डरने लगे हैं। यह अफवाह है या सच, जिला प्रशासन ने वन विभाग के अधिकारियों और उपमंडल अधिकारियों की एक कमेटी गठित की है, जो इसकी जांच और तलाश में जुटी है।
कुछ दिन पहले बाजेवाला गांव में एक तेंदुए के आने की चर्चा थी। हालांकि अभी तक इस जानवर को इस क्षेत्र में किसी ने नहीं देखा है, लेकिन सोशल मीडिया पर पोस्ट किए गए वीडियो में कुछ लोग इस तेंदुए को सड़क पार करते हुए और खेतों में घूमते हुए देखने का दावा कर रहे हैं। कोई व्यक्ति कह रहा है कि किसी महिला अध्यापक ने इस चीते को कार पर जाते समय सड़क पार करते देखा है। सोशल मीडिया पर सूचना दी जा रही है कि इसको अफवाह ना माना जाए। लोग इन गांवों में तेंदुआ आने की अफवाह को इसलिए भी सच मान रहे हैं, क्योंकि कुछ दिन पहले बठिंडा में भी तेंदुआ देखा गया था और सरदूलगढ़ के गांव भी उन गांवों से सटे हुए हैं। इसी कारण यह भय उत्पन्न हुआ है। सरदूलगढ़ के गांव फूस मंडी, भगवानपुर हिंगना, साधुवाला, आहलूपुर, बांदरा, मीरपुर कला, मीरपुर खुर्द, रायपुर माखा, जोड़कियां व मीयां के खेतों में इस तेंदुए के घूमने की चर्चा है।
उधर, डिप्टी कमिश्नर मानसा ने भी वन विभाग के अधिकारियों और मानसा, बुढलाडा और सरदूलगढ़ के उपमंडल अधिकारियों की एक जांच कमेटी गठित कर उन्हें मामले की जांच करने के आदेश दिए हैं। एस.डी. एम. सरदूलगढ़ नितिन जैन ने बताया कि डिप्टी कमिश्नर मानसा द्वारा वन विभाग के अधिकारियों के साथ एक कमेटी गठित की गई है, जो इसकी तलाश कर रही है। उन्होंने कहा कि यह कार्य कमेटी द्वारा शुरू किया गया है।
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