दवा कंपनी पर गिरी गाज! जबलपुर की कटारिया फार्मा सील, बच्चों की मौत के मामले में ताबड़तोड़ कार्रवाई

मध्य प्रदेश

जबलपुर। नगर के नौदराब्रिज स्थित कटारिया फार्मा को सील किए जाने की कार्रवाई रविवार दोपहर को आरंभ हुई। जिला प्रशासन कि इस कार्रवाई में क्षेत्रीय ओमती थाना और औषधि विभाग से जुड़े अधिकारी भी शामिल थे। खबर लिखे जाने तक यह प्रक्रिया चल रही है। छिंदवाड़ा में कफ सिरप पीने से जिन बच्चों की मौत हुई है वह दवा यहीं से सप्लाई हुई थी गौरतलब है कि कटारिया फार्मा को ऐसे समय सील किया जा रहा है जबकि सोमवार को मुख्यमंत्री का नगर दौरा प्रस्तावित है।

कोल्ड्रिफ सीरप के सैंपल लेकर प्रयोगशाला भेजे गए

बताया जाता है कि औषधि निरीक्षक द्वारा कटारिया फार्मा का निरीक्षण कर कोल्ड्रिफ सीरप के सैंपल लेकर प्रयोगशाला भेजे गए हैं। निरीक्षण के दौरान कटारिया फार्मा पर उपलब्ध कोल्ड्रिफ के शेष स्टॉक की खरीदी बिक्री को तत्काल प्रभाव से बंद करवा दिया गया था। इसके साथ ही इस फर्म द्वारा जहां दवाई सप्लाई की गई थी उन फर्मों से भी इस दवाइयों के क्रय विक्रय को पूर्णतः प्रतिबंध करवा दिया गया था। सैंपल की रिपोर्ट के आधार पर आगामी विधिक कार्रवाई सुनिश्चित की जा रही है। महत्वपूर्ण है कि पूर्व में औषधि विभाग कटारिया फार्मा में रखें 50 यूनिट फ्रीज कर चुकी है और 16 को सेंपल के तौर पर परीक्षण हेतु प्रयोगशाला भेजा गया है।

दवाओं की जांच सम्बन्धी रिपोर्ट

परसिया बीएमओ अंकित सहलाम ने कहा कि ड्रग टेस्टिंग लेबोरेट्री तमिलनाडु की रिपोर्ट में डाई इथिलीन ग्लाइकोल 48.6 प्रतिशत पाया गया है। शासकीय औषधीय प्रयोगशाला से शनिवार को प्राप्त हुई रिपोर्ट में 46.8 प्रतिशत डाई इथिलीन ग्लाइकोल पाया गया है। जो स्वास्थ्य के लिए हानिकारक है। जिसकी वजह से किडनी फैल हो सकती है। और बच्चों की मौत हो रही है। डाईथिलीन ग्लाइकोल सीरप में प्रतिबंधित पदार्थ है। लिहाजा ऐसे सीरप बनाने वाली कंपनी और चिकित्सक डॉक्टर प्रवीण सोनी पर केस दर्ज किया गया है।

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