देश के कई शहरों में प्रदूषण इन दिनों खतरनाक स्थिति में पहुंच गया है. वहीं, दिल्ली और NCR के इलाकों में AQI (एयर क्वालिटी इंडेक्स) एक हजार से भी ज्यादा दर्ज किया गया है. मध्य प्रदेश में भी तेजी से प्रदूषण के स्तर मे बढ़ोतरी देखी जा रही है. राजधानी भोपाल में दोपहर एक बजे का अधिकतम AQI 204 दर्ज किया गया है, जो कि वायु प्रदूषण को बहुत खराब श्रेणी में आता है. बढ़ते प्रदूषण के चलते लोगों को तरह की तरह की परेशानियों का सामना करना पड़ा रहा है.
मध्य प्रदेश में कई शहरों का AQI तेजी से बढ़ रहा है. आईये हम जानते है कि मध्य प्रदेश के 10 बड़े शहरों की वायु गुणवत्ता की स्थिति कैसी है. मध्य प्रदेश के राजधानी भोपाल में दोपहर एक बजे का AQI 204 दर्ज किया गया है. वहीं, इंदौर का AQI 95 दर्ज किया गया है, जो कि वायु प्रदूषण की स्थिति में ठीक-ठाक माना जाता है. जबलपुर का AQI 219 दर्ज किया गया है, जो कि बहुत खराब श्रेणी में आता है. सबसे ज्यादा AQI ग्वालियर का 307 दर्ज किया गया है.
क्यों बढ़ रहा AQI?
बिगड़ते वायु गुणवत्ता की बात करें, तो इसके लिए विभिन्न स्त्रोत जिम्मेदार है. प्रदूषण का सबसे बड़ा स्त्रोत पराली है, जो इन दिनों पूरे मध्य प्रदेश में जमकर जलाई जा रही है. इसके अलावा गाड़ियों, फैक्ट्रियों का धुआं और धूल मुख्य स्त्रोत है. पिछली साल के मुकाबले इस साल मध्य प्रदेश में ज्यादा पराली जलने की घटनाएं सामने आई है. मोसम विभाग के कहना है कि पराली जलाने से प्रदूषण के स्तर में तेजी से परिवर्तन आता है. इससे वायु प्रदूषण होता है.
10 शहरों का AQI
मध्य प्रदेश के शहर
|
AQI
|
| भोपाल | 204 |
| इंदौर | 95 |
| जबलपुर | 219 |
| ग्वालियर | 307 |
| उज्जैन | 220 |
| रतलाम | 157 |
| मुरैना | 157 |
| सतना | 73 |
| देवास | 189 |
| कटनी | 159 |
ग्वालियर में दर्ज किया गया अधिकतम AQI
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